Bangladesh: चुनाव से पहले बिजली संकट का खतरा, 1000 करोड़ का बिल और बढ़ते तनाव की आवाज़
Swaraj Times Desk: बांग्लादेश में आम चुनाव के बीच एक बड़ी सियासी-आर्थिक खबर उभरकर सामने आई है। अडानी पावर ने बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (PDB) को एक चेतावनी पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि बिजली का बकाया भुगतान नहीं होने पर सप्लाई संकट खड़ा हो सकता है। यह खतरा खासकर तब बढ़ गया है जब देश 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है।
पत्र 29 जनवरी को भेजा गया था, जिसमें अडानी पावर के वाइस प्रेसिडेंट अविनाश अनुराग ने लिखा कि पावर प्लांट के सुचारू संचालन के लिए तुरंत 112.7 मिलियन डॉलर (लगभग 1000 करोड़ रुपये) का भुगतान आवश्यक है। इस रकम में पिछले साल जून तक का 53.2 मिलियन डॉलर और अक्टूबर से बकाया 59.6 मिलियन डॉलर शामिल है। बार-बार अनुरोध के बावजूद यह भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
पत्र में साफ कहा गया है कि भुगतान के अभाव में बिजली उत्पादन पर दबाव बहुत बढ़ गया है और इससे न केवल बिजली की सप्लाई प्रभावित होगी बल्कि मेंटेनेंस और अन्य साझेदार गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा। अडानी का कहना है कि अगर इस भुगतान को निपटाने में देरी होती रही तो सप्लाई गंभीर रूप से बाधित हो सकती है।
बांग्लादेश को बिजली की सप्लाई भारत के झारखंड राज्य के गोड्डा में अडानी पावर प्लांट से मिलती है। पिछले साल की कुल 1600 मेगावाट की आपूर्ति में से सिर्फ लगभग 8.2% बिजली ही दी जा सकी, जो लगभग 8.63 अरब यूनिट थी। इस कमी का कारण भी बकाया भुगतान का लंबित रहना बताया गया है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब अडानी ने भुगतान न मिलने पर चेतावनी दी हो। पिछले साल नवंबर में भी बोर्ड को चेतावनी पत्र भेजा गया था जिसमें 10 नवंबर की डेडलाइन दी गई थी। उस समय सप्लाई बंद होने से बचने के लिए बांग्लादेश ने करीब 100 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था, लेकिन दिसंबर के बाद से बकाया फिर बढ़ता गया।
इस घटना से न सिर्फ ऊर्जा संकट का खतरा बढ़ा है बल्कि चुनाव के ठीक पहले राजनीतिक और आर्थिक तनाव भी बढ़ सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बांग्लादेश प्रशासन इस मुद्दे का समाधान कैसे करता है और बिजली आपूर्ति बनी रहती है या नहीं।
