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UP News: बजट, व्यापार और चीन सीमा—सपा प्रमुख ने संसद में बहस की मांग तेज की

Swaraj Times Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तंज भरे अंदाज़ में सवाल उठाया—“18 बड़ा है या जीरो?” उनके मुताबिक सरकार आंकड़ों और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है और असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने कहा कि इस समझौते से देश के छोटे व्यापारियों, किसानों और दुग्ध उत्पादन से जुड़े समुदायों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था चलाने वाले पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों की मेहनत से खड़ा बाजार विदेशी कंपनियों के लिए खोला जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि बजट पेश होने से पहले जो “हलवा समारोह” होता है, उसका फायदा आखिर किसे मिलता है—देश की जनता को या विदेशी हितों को?

सपा प्रमुख ने संसद में इस मुद्दे पर खुली बहस की मांग की। उनका कहना है कि सरकार खुद सदन नहीं चलने देना चाहती ताकि असहज सवालों से बचा जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी केवल बयानबाज़ी कर रही है, ठोस जवाब देने से बच रही है।

इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक नियुक्तियों पर भी कटाक्ष किया और इशारों-इशारों में केंद्र की राजनीति पर सवाल उठाए। साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र के नेताओं के बीच तालमेल की कमी साफ दिखाई देती है।

अखिलेश यादव ने चीन सीमा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर मुद्दे भी उठाए। उन्होंने पूछा कि 2014 के बाद सीमा क्षेत्रों में क्या बदलाव आया और सरकार इस पर स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं देती। उनका कहना है कि विपक्ष के सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, खासकर रणनीतिक सड़कों और रक्षा ढांचे को लेकर।

बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश को अब तक इसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि जिन शहरों में बुनियादी ढांचा मजबूत होना चाहिए था, वहां अब भी बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।

साफ है कि अखिलेश यादव आने वाले सत्र में आर्थिक नीतियों, विदेशी समझौतों और बुनियादी ढांचे को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं।

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