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Swaraj Times Desk: रियाद में मिला किंग अब्दुल अजीज मेडल, सऊदी-पाक सैन्य रिश्तों को मिली नई मजबूती


पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक सम्मान किंग अब्दुलअजीज मेडल (एक्सीलेंट क्लास) से नवाजा गया है। यह सम्मान सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने एक विशेष समारोह में प्रदान किया।


रियाद में सम्मान समारोह, सऊदी रक्षा मंत्रालय में आयोजन

पाकिस्तान की सैन्य मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, यह सम्मान समारोह रविवार, 21 दिसंबर 2025 को रियाद स्थित सऊदी रक्षा मंत्रालय में आयोजित किया गया। इस अवसर पर आसिम मुनीर के सम्मान में एक औपचारिक स्वागत समारोह भी हुआ, जहां उन्हें चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के रूप में नियुक्ति के लिए बधाई दी गई।


सैन्य सहयोग और रणनीतिक समन्वय पर हुई अहम बातचीत

सम्मान समारोह के बाद आसिम मुनीर की सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद से अलग से मुलाकात भी हुई। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, रणनीतिक समन्वय, क्षेत्रीय सुरक्षा, भौगोलिक चुनौतियों और रक्षा संबंधों पर विस्तार से चर्चा की गई। ISPR के मुताबिक, यह सम्मान सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के शाही आदेश के तहत प्रदान किया गया।


क्यों खास है किंग अब्दुलअजीज मेडल?

किंग अब्दुलअजीज मेडल को सऊदी अरब का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। ISPR के अनुसार, यह सम्मान आसिम मुनीर को उनकी विशिष्ट सैन्य सेवा, मजबूत नेतृत्व क्षमता और पाकिस्तान-सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग एवं संस्थागत संबंधों को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका के लिए दिया गया है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद आसिम मुनीर ने कहा कि यह अवॉर्ड दोनों देशों के बीच अटूट और ऐतिहासिक रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान सऊदी अरब की सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि के लिए हर संभव समर्थन देता रहेगा।


पाकिस्तान में बढ़ी आसिम मुनीर की ताकत

हाल के महीनों में पाकिस्तान में आसिम मुनीर की शक्ति में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। पहले उन्हें फील्ड मार्शल बनाया गया और फिर इसी महीने 27वें संवैधानिक संशोधन के जरिए उन्हें देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज नियुक्त किया गया। इसके साथ ही वह चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ भी बने हुए हैं। दोनों पदों पर उनका कार्यकाल पांच वर्षों का होगा। यही नहीं, उन्हें परमाणु हथियारों की कमान भी सौंपी गई है, जिससे वह पाकिस्तान के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बन गए हैं।


भारत से जुड़ा संदर्भ भी अहम

गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सऊदी अरब की ओर से यह सम्मान मिल चुका है। उन्हें वर्ष 2016 में किंग अब्दुलअजीज मेडल (स्पेशल क्लास) से सम्मानित किया गया था, जो किसी गैर-मुस्लिम को दिया जाने वाला सऊदी अरब का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है।

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