Swaraj Times Desk: UP Assembly 2025: कोडीन कफ सिरप मामले पर सीएम योगी का कड़ा संदेश, विपक्ष पर सीधा हमला
उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र 2025 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर सदन में बोलते हुए सीएम योगी ने विपक्ष को सख्त चेतावनी दी और साफ कहा कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सोमवार (22 दिसंबर) को विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में अंतिम हद तक जाकर कार्रवाई करेगी। उन्होंने तीखे शब्दों में विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जब जांच और कार्रवाई अपने चरम पर पहुंचेगी, तब “आपमें से कई लोग फातिहा पढ़ने जाएंगे और हम आपको फातिहा पढ़ने लायक भी नहीं छोड़ेंगे।” इस बयान के बाद सदन का माहौल पूरी तरह गर्म हो गया।
सीएम योगी का आश्वासन: अपराधी कोई भी हो, कार्रवाई तय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि कोडीन कफ सिरप से जुड़े इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सबसे कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि सरकार किसी दबाव या राजनीतिक पहचान के आधार पर कोई नरमी नहीं बरतेगी।
सीएम योगी ने बताया कि अब तक की कार्रवाई में 77 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच लगातार जारी है। आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई गई है।
यूपी में मौत की पुष्टि नहीं, अवैध डायवर्जन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने सदन में यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। जिन मामलों में मौत की बात सामने आई है, वे कथित तौर पर प्रदेश के बाहर से जुड़े हुए हैं। हालांकि, यूपी में कफ सिरप के अवैध डायवर्जन का मामला जरूर सामने आया है, जिस पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क में शामिल कुछ कंपनियों के नाम भी जांच में सामने आए हैं, जिनमें वाराणसी की शैली ट्रेडर्स, सहारनपुर की अबोर्ट हेल्थ केयर और गाजियाबाद व दिल्ली की कुछ लैब्स शामिल हैं।
समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला
सीएम योगी ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध कारोबार में शामिल कुछ लोगों के राजनीतिक संबंध सपा से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री ने वाराणसी के एक स्टोरेज और उससे जुड़े व्यक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि यह सब सार्वजनिक जानकारी है कि किन-किन लोगों के माफिया से संबंध रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि एक आरोपी समाजवादी पार्टी की युवजन सभा का पदाधिकारी रह चुका है और सपा के पूर्व उम्मीदवार का बिजनेस पार्टनर है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से कहा कि इन तथ्यों से इनकार नहीं किया जा सकता।
सख्त संदेश और सियासी टकराव
सीएम योगी के इस बयान के बाद विधानसभा में राजनीतिक तनाव और तेज हो गया है। एक तरफ सरकार इसे कानून-व्यवस्था और ड्रग माफिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा मान रहा है।
फिलहाल, साफ है कि कोडीन कफ सिरप मामला आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बना रहेगा।
