Swaraj Times Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह देश के स्टार एथलीट और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा तथा उनकी पत्नी हिमानी मोर से मुलाकात की। यह मुलाकात सुबह 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर हुई। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की और मुलाकात की तस्वीरें पोस्ट करते हुए बताया कि बातचीत कई विषयों पर हुई, जिनमें खेल और खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे। खास बात यह रही कि यह मुलाकात नीरज चोपड़ा के जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले हुई, जिससे यह पल उनके लिए और भी यादगार बन गया।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई तस्वीरों में एक फोटो में पीएम मोदी, नीरज चोपड़ा और हिमानी मोर साथ खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में वे बैठकर किसी गंभीर विषय पर चर्चा करते दिखाई दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कैप्शन में लिखा कि यह बातचीत बेहद सकारात्मक और सार्थक रही। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार खेल और खिलाड़ियों को लेकर दीर्घकालिक सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
नीरज चोपड़ा ने इसी साल जनवरी में हिमानी मोर के साथ विवाह किया था। यह शादी हिमाचल प्रदेश में बेहद सादगी से संपन्न हुई थी, जिसमें केवल परिवार और करीबी लोग शामिल हुए थे। हिमानी मोर खुद एक पूर्व टेनिस खिलाड़ी रह चुकी हैं और खेल जगत की अच्छी समझ रखती हैं। ऐसे में दोनों की जोड़ी को खेल प्रेमियों के बीच खास सराहना मिली है।
खेल के लिहाज से नीरज चोपड़ा के लिए साल 2025 उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक ओर उन्होंने अपने करियर में पहली बार 90 मीटर की दूरी पार कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, वहीं दूसरी ओर वे विश्व चैंपियनशिप में अपने खिताब की रक्षा नहीं कर सके। टोक्यो में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में वह पदक से चूक गए, लेकिन इसके बावजूद उनका आत्मविश्वास और जज्बा कायम रहा। नीरज ने इस साल 90.23 मीटर का थ्रो कर यह साबित किया कि वह अब भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ भाला फेंक खिलाड़ियों में शामिल हैं।
24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के खांड्रा गांव में जन्मे नीरज चोपड़ा ने भारत को 2020 ओलंपिक में एथलेटिक्स का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया था। 2024 ओलंपिक में उन्होंने रजत पदक जीता, जिसे भी देश ने गर्व के साथ स्वीकार किया। उनकी उपलब्धियों ने न केवल भारत को वैश्विक खेल मंच पर पहचान दिलाई, बल्कि लाखों युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित भी किया।
प्रधानमंत्री मोदी और नीरज चोपड़ा की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि प्रेरणा से भरी हुई मानी जा रही है। यह संदेश देती है कि देश के शीर्ष नेतृत्व की नजर खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और भविष्य की जरूरतों पर है। नीरज चोपड़ा जैसे एथलीटों के अनुभव और सुझाव आने वाले समय में भारतीय खेलों को नई दिशा दे सकते हैं।
