Swaraj Times Desk: महाराष्ट्र की सियासत में बीएमसी और अन्य नगर निगम चुनावों से पहले उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है. करीब दो दशक बाद ठाकरे भाइयों का साथ आना जहां एक वर्ग के लिए भावनात्मक पल है, वहीं सत्तारूढ़ महायुति इसे महज सत्ता की राजनीति बता रही है. इस गठबंधन पर डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने तीखा हमला बोला है.
एकनाथ शिंदे ने साफ कहा कि यह गठबंधन मुंबई के हित या विकास के लिए नहीं, बल्कि “कुर्सी और सत्ता” के लिए किया गया है. उन्होंने कहा कि आज की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव और राज ठाकरे ने मुंबई के विकास को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा. शिंदे के मुताबिक, “महायुति के पास मुंबई और महाराष्ट्र के विकास का स्पष्ट विजन है, जबकि यह गठबंधन केवल सत्ता बचाने और पाने की कोशिश है.”
चुनाव से पहले तेज हुई सियासी बयानबाज़ी
नगर निगम चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में हर दल अपनी रणनीति धारदार कर रहा है. एकनाथ शिंदे ने कहा कि कुछ गठबंधन जनता और राज्य के हित में बनते हैं, जबकि कुछ केवल स्वार्थ और अस्तित्व बचाने के लिए. उन्होंने दावा किया कि महायुति पूरी तरह मजबूत है और जनता ने पहले ही अपना भरोसा दिखा दिया है.
शिंदे ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि इन दोनों चुनावों में महायुति को स्पष्ट जीत मिली. इसके अलावा नगर परिषदों में भी शिवसेना ने शानदार प्रदर्शन किया है. उनके अनुसार, “बालासाहेब ठाकरे के विचारों से भटकने वालों को महाराष्ट्र की जनता ने साढ़े तीन साल में उनकी जगह दिखा दी है.”
उद्धव गुट पर सीधा हमला
डिप्टी सीएम शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट पर हमला बोलते हुए कहा कि मुंबई को अब तक “सोना का अंडा देने वाली मुर्गी” समझा गया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पहले अंडे खाते रहे और अब मुर्गी काटने के लिए एक साथ आ गए हैं.” शिंदे का आरोप है कि ठाकरे भाइयों का यह साथ मुंबई की भलाई के लिए नहीं, बल्कि सत्ता हथियाने की रणनीति है.
उन्होंने यह भी कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैफिक, हाउसिंग या आम नागरिकों की समस्याओं पर कोई रोडमैप सामने नहीं आया. इसके उलट महायुति सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी है और आगे भी उसी एजेंडे पर काम करेगी.
शिवसेना में शामिल हुए नए कार्यकर्ता
इसी बीच, नाशिक और कोल्हापुर जिलों से शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस के सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुए. इसे शिंदे गुट ने अपनी बढ़ती ताकत के तौर पर पेश किया. शिंदे ने कहा कि यह दिखाता है कि जमीनी स्तर पर लोग किसके साथ खड़े हैं.
आने वाले दिनों में और तेज होगी राजनीति
ठाकरे भाइयों का गठबंधन और उस पर शिंदे का जवाब साफ संकेत देता है कि बीएमसी चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति और आक्रामक होने वाली है. जहां एक ओर ठाकरे परिवार की एकजुटता को भावनात्मक मुद्दा बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर महायुति विकास और स्थिरता का दावा कर रही है. आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने की पूरी संभावना है.
