बलिया में बोले यूपी मंत्री – “पूरा प्रदेश टनाटन है, कहीं दिक्कत नहीं… मोदी पर जनता का भरोसा – 2047 तक यही रफ्तार चलेगी”
Swaraj Times Desk: कांग्रेस पार्टी के स्थापना दिवस (28 दिसंबर) पर जहां पार्टी कार्यकर्ता देशभर में कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे, वहीं यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने अपने अलग अंदाज में “बधाई के साथ नसीहत” दे डाली। बलिया में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को “और मेहनत करनी चाहिए”, वरना 2027 तक भी कुछ हासिल नहीं होगा।
राजभर ने तंज के अंदाज में कहा —
“यात्रा करते रहें, टहलते रहें, 2027 तक कुछ नहीं होगा। मेहनत करो, जनता मोदी जी पर विश्वास कर रही है। तीसरी बार ही नहीं, 2047 तक भी ये भरोसा रहेगा।”
एनडीए को लेकर साफ संदेश – “उम्मीदवार वही लड़ेगा जिसे गठबंधन तय करेगा”
घोसी सीट उपचुनाव के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि सुभासपा की नहीं, एनडीए गठबंधन की सहमति ही अंतिम होगी।
उन्होंने कहा —
“जो एनडीए तय करेगा, वही प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा, हम सभी एक साथ हैं।”
बीजेपी–ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर बोले – “कोई साजिश नहीं”
पिछले दिनों बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की निजी बैठक को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे, लेकिन ओपी राजभर ने इसे “आम प्रक्रिया” बताया और कहा —
“पूरा प्रदेश टनाटन है। ‘आल इज वेल’। 403 में एक–आध विधायक नाराज हो जाएं तो मना लेंगे। यह कोई मुद्दा नहीं है।”
मनरेगा आंदोलन पर कांग्रेस को चुटकी
कांग्रेस ने MGNREGA का नाम बदलने के विरोध में 5 जनवरी से देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।
इस पर राजभर ने कहा —
“आंदोलन करना है तो करें, किसने रोका है? लेकिन जनता मोदी जी पर विश्वास कर रही है। विरोध से कुछ नहीं बदलेगा।”
उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा —
“कांग्रेस को मेहनत करनी पड़ेगी। सिर्फ नारे लगाने से कुछ नहीं होगा। एनडीए के साथ जनता खड़ी है।”
गांधी नाम हटाए जाने के सवाल पर क्या बोले?
एक पत्रकार ने पूछा —
“मनरेगा का नाम बदलना क्या महात्मा गांधी का अपमान है?”
इसपर राजभर ने जवाब दिया —
“महात्मा गांधी सबके हैं। सरकारें अपने हिसाब से योजनाओं को बदलती हैं। इसमें कौन सा अपमान है?”
प्रियंका गांधी–अखिलेश यादव पर तीखा वार
कांग्रेस में प्रियंका गांधी को अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की आवाजें उठने पर राजभर ने कहा —
“सपने सबको देखने चाहिए, कांग्रेस में उठ रहा है तो स्वाभाविक है।”
सपा पर निशाना साधते हुए कहा —
“अखिलेश यादव जब 5 साल मुख्यमंत्री थे, तब कितने ब्राह्मणों को नौकरी दी? 86 में से 56 यादव SDM बना दिए। लेखपाल, ग्राम सेवक की भर्ती में कितने ब्राह्मण थे? आज सम्मान की बातें करते हैं!”
राजनीतिक संकेत – विपक्ष में बढ़ रही “निराशा”?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ओपी राजभर का यह बयान विपक्ष की तेज होती हताशा और एनडीए की संगठित रणनीति दोनों की झलक है। कांग्रेस के स्थापना दिवस पर आया यह तंज – राजनीतिक रूप से बेहद जूनूनी वक्त में बड़ा संदेश देता है।
