NCP (शरद पवार गुट) की बड़ी महिला नेता का पाला बदलना विपक्षी गठबंधन की चुनावी तैयारियों पर भारी – सीट बंटवारे की नाराज़गी बनी असली वजह?
Swaraj Times Desk: मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा झटका देखने को मिला है। एनसीपी (शरद पवार गुट) की मुंबई अध्यक्ष और प्रभावशाली महिला नेता राखी जाधव ने सोमवार (29 दिसंबर) को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ थाम लिया।
उनका यह निर्णय सिर्फ एक पार्टी परिवर्तन नहीं, बल्कि आगामी बीएमसी चुनाव की सियासी तस्वीर को सीधा प्रभावित करने वाला कदम माना जा रहा है।
शरद पवार की टीम में सबसे बड़ा नुकसान!
राखी जाधव उन नेताओं में शामिल थीं जिन्होंने अजित पवार की बगावत के दौरान शरद पवार का साथ नहीं छोड़ा था।
लेकिन अब, ठीक चुनाव से पहले उनका भाजपा में जाना – शरद पवार के लिए बड़ा मनोवैज्ञानिक और संगठनात्मक झटका है।
राखी जाधव ने आज सुबह सबसे पहले BJP विधायक पराग शाह से मुलाकात की, जिसके बाद वह महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के वर्षा बंगले पहुंचीं और औपचारिक रूप से भाजपा सदस्यता ग्रहण की।
सीट बंटवारे पर नाराज़गी बनी वजह?
सूत्रों के मुताबिक, राखी जाधव काफी समय से सीट वितरण को लेकर नाराज़ थीं।
उन्होंने शरद पवार को 52 संभावित उम्मीदवारों की सूची सौंपी थी और उम्मीद जताई थी कि गठबंधन में एनसीपी–एसपी को कम से कम 30 सीटें मिलेंगी।
लेकिन बातचीत के बाद पार्टी को अनुमान से बेहद कम सीटें मिलने की चर्चा ने राखी की खीझ बढ़ा दी।
पार्टी के अंदर उनसे यह भी शिकायत रही कि वरिष्ठ नेता गठबंधन में
“अपना हक मांगने में आक्रामक नहीं दिखे।”
इसी असंतोष ने आखिरकार उन्हें भाजपा की ओर बढ़ा दिया।
BJP का बड़ा चुनावी दांव – फायदे और खतरे दोनों
बीजेपी ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब
उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT) और कांग्रेस – पहले से ही यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि
शरद पवार का एनसीपी गुट किस तरफ झुकेगा।
अचानक भूमिकाएँ उलटते हुए अब BJP ने सीधे शरद पवार की सबसे अहम मुंबई चेहरा अपने पाले में कर लिया।
यह भाजपा के लिए एक रणनीतिक सफलता है, खासकर घाटकोपर–पूर्वी उपनगर क्षेत्र में जहां माराठी मतदाताओं पर राखी का प्रभाव माना जाता है।
क्या राखी जाधव को टिकट मिलेगा?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा उन्हें घाटकोपर या नजदीकी किसी बीएमसी वार्ड से टिकट दे सकती है।
लेकिन BJP के भीतर भी इस कदम से असंतोष पनपने की आशंका जताई जा रही है –
क्योंकि जिस सीट पर राखी को टिकट मिलेगा, उस क्षेत्र के स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता बगावत भी कर सकते हैं।
बीएमसी समीकरण अब कैसे बदलेंगे?
वर्तमान स्थिति में संभावित मैट्रिक्स कुछ ऐसा दिख रहा है:
| दल | स्थिति |
|---|---|
| BJP + शिंदे गुट | चुनावी तालमेल तैयार, प्रचार शुरू |
| शिवसेना (UBT) + कांग्रेस | सीट–बंटवारे पर अभी चर्चा जारी |
| NCP (शरद पवार) | लगातार आंतरिक झटके – अब संगठन में बड़ा खालीपन |
विशेषज्ञ मानते हैं कि राखी जाधव का जाना सिर्फ “एक चेहरा खोना” नहीं बल्कि
NCP की महिला वोट–बैंक और मराठी नेतृत्व की प्रतिमा पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है। अब नज़रें इस बात पर टिक गई हैं कि क्या शरद पवार उनके विकल्प के रूप में नया चेहरा आगे लाते हैं —
या यह बदलाव आने वाले महीनों में एनसीपी (SP) के और नेताओं को भी BJP की ओर मोड़ देगा।
