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स्कूल एडॉप्शन से बदलेगी सरकारी शिक्षा की तस्वीर, गुणवत्ता और विकास पर सरकार का फोकस

Swaraj Times Desk: हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई वर्चुअल समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘अपना विद्यालय–हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम’ को तेजी से लागू करने और शिक्षा की गुणवत्ता में ठोस सुधार लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं. उनका लक्ष्य है कि सरकारी स्कूल केवल भवन तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के केंद्र बनें.

अधिकारियों को स्कूल गोद लेने का टारगेट

मुख्यमंत्री ने जिला और उप-मंडल स्तर के अधिकारियों को सरकारी स्कूलों को गोद लेने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ अधिकारी कम से कम चार स्कूलों को गोद लें. इन स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाए और शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं व विद्यार्थियों की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाए. गोद लिए गए स्कूलों की सूची 5 जनवरी 2026 तक राज्य सरकार को सौंपनी होगी.

सरकार के अनुसार, अब तक प्रदेश में 4,231 स्कूल इस कार्यक्रम के तहत गोद लिए जा चुके हैं, जो शिक्षा सुधार की दिशा में एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है.

छात्रों से संवाद और करियर गाइडेंस

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी हर महीने गोद लिए गए स्कूलों का दौरा करें, छात्रों से सीधा संवाद करें और उन्हें करियर गाइडेंस दें. इससे छात्रों को सही दिशा मिलेगी और उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा. साथ ही, राष्ट्रीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूकता विकसित होगी.

नशा मुक्ति पर भी सख्त रुख

बैठक में मुख्यमंत्री सुक्खू ने नशा मुक्ति को लेकर भी कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाए. चिट्टा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अवैध संपत्ति की जब्ती और गैरकानूनी निर्माण ध्वस्त करने के निर्देश भी दिए गए. यदि इसमें कोई सरकारी कर्मचारी संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई होगी.

विकास कार्यों में तेजी

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिन विकास परियोजनाओं का 80 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है, उन्हें बजट उपलब्ध कराकर जल्द पूरा किया जाए. वन भूमि स्वीकृति की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने और BPL परिवारों के चयन की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं.

शिक्षा और विकास का साझा लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य संसाधनों का सही उपयोग कर छात्रों के लिए मजबूत आधार तैयार करना और हिमाचल प्रदेश को शिक्षा व विकास के क्षेत्र में आगे ले जाना है.

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