अमेरिकी कार्रवाई पर चीन का पलटवार, अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का हवाला देकर दी कड़ी चेतावनी
Swaraj Times Desk: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक राजनीति में भूचाल आ गया है. इस घटनाक्रम पर अब चीन खुलकर अमेरिका के खिलाफ सामने आ गया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने एक सख्त प्रेस बयान जारी करते हुए अमेरिका की कार्रवाई को न केवल गलत बताया, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन करार दिया.
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति के खिलाफ सैन्य बल का प्रयोग करना स्वीकार्य नहीं है. बीजिंग के मुताबिक, अमेरिका ने जिस तरह से वेनेजुएला में कार्रवाई की, वह उसकी वर्चस्ववादी और दबाव की राजनीति को दर्शाता है. चीन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कदम केवल वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला नहीं है, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है.
अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला
चीन ने अपने बयान में संयुक्त राष्ट्र चार्टर का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश के आंतरिक मामलों में सैन्य हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है. चीन का कहना है कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैश्विक जिम्मेदारियों का सम्मान करना चाहिए. बीजिंग ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयां वैश्विक अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं.
ट्रंप प्रशासन पर सीधा हमला
चीन की नाराजगी सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन पर है. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ट्रंप सरकार लगातार सैन्य दबाव और प्रतिबंधों के जरिए दूसरे देशों की सरकारों को गिराने की नीति अपना रही है. वेनेजुएला का मामला उसी नीति का ताजा उदाहरण है.
वेनेजुएला संकट से बढ़ा वैश्विक तनाव
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है. चीन का मानना है कि अमेरिका की इस कार्रवाई से वहां हालात और बिगड़ सकते हैं. बीजिंग ने यह भी संकेत दिया कि वह वेनेजुएला की वैध सरकार और वहां की जनता के साथ खड़ा रहेगा.
आगे क्या?
चीन की तीखी प्रतिक्रिया से साफ है कि यह मामला केवल संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले दिनों में रूस, चीन और अन्य देशों की प्रतिक्रियाओं से यह मुद्दा वैश्विक मंच पर और बड़ा रूप ले सकता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना नई तरह की भू-राजनीतिक टकराव की शुरुआत भी बन सकती है.
