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एक महीने में दूसरी बार बातचीत, भारत-इजरायल रिश्तों में दिखी नई रणनीतिक मजबूती

Swaraj Times Desk: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच बुधवार, 7 जनवरी 2026 को हुई फोन बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी. सवाल यही है कि नेतन्याहू का पीएम मोदी को अचानक फोन क्यों आया और दोनों नेताओं के बीच किन अहम मुद्दों पर चर्चा हुई?

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बातचीत की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि यह संवाद सिर्फ औपचारिक शुभकामनाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी, क्षेत्रीय हालात और आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गहन चर्चा हुई.

आतंकवाद पर साझा रुख, कोई नरमी नहीं

पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में साफ किया कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद के हर रूप और उसकी किसी भी अभिव्यक्ति के खिलाफ मजबूती से लड़ने के अपने संकल्प को दोहराया. बातचीत में यह संदेश स्पष्ट था कि भारत और इजरायल आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह की नरमी बरतने के पक्ष में नहीं हैं.
वर्तमान वैश्विक हालात में, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, यह साझा रुख दोनों देशों की सुरक्षा नीति को और मजबूत करता है.

रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा

फोन कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने आने वाले वर्ष में भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर भी चर्चा की. रक्षा, सुरक्षा सहयोग, तकनीक और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है और भारत-इजरायल संबंधों को एक भरोसेमंद साझेदारी के तौर पर देखा जा रहा है.

एक महीने में दूसरी बार संपर्क

गौर करने वाली बात यह है कि पिछले एक महीने के भीतर यह दूसरी बार है जब पीएम मोदी और पीएम नेतन्याहू के बीच सीधी बातचीत हुई. इससे पहले 10 दिसंबर 2025 को भी दोनों नेताओं ने फोन पर बात की थी. उस समय भी दोनों ने आपसी रिश्तों में निरंतर प्रगति पर संतोष जताया था और भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने की बात कही थी.

नेतन्याहू का भारत दौरा क्यों टला?

इजरायली प्रधानमंत्री का दिसंबर 2025 में प्रस्तावित भारत दौरा तीसरी बार टल चुका है. इसे लेकर अटकलें तेज थीं. माना जा रहा है कि दिल्ली में नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए धमाके और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात के चलते सुरक्षा कारणों से यह दौरा स्थगित किया गया.
फोन पर हुई ताजा बातचीत को इसी संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों नेता लगातार संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए हैं.

कुल मिलाकर, नेतन्याहू का यह फोन कॉल सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि भारत-इजरायल रिश्तों की गहराई और आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति का मजबूत संकेत है.

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