पार्टी से अलगाव के बाद पहली पारिवारिक मुलाकात, मकर संक्रांति पर दिखी नरमी की तस्वीर
Swaraj Times Desk: मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में एक भावनात्मक और सियासी संकेत देने वाली तस्वीर सामने आई है. आरजेडी से अलग होने के बाद पहली बार तेजप्रताप यादव अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से मिले. यह मुलाकात पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड के आवास पर हुई, जहां उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी से भी आशीर्वाद लिया.
परिवार संग दिखी सादगी और अपनापन
मंगलवार, 13 जनवरी को हुई इस मुलाकात की सबसे खास झलक तब देखने को मिली, जब तेजप्रताप यादव ने अपने भाई तेजस्वी की बेटी कात्यायनी को गोद में लेकर दुलार किया. यह पल कैमरे में कैद हुआ और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. लंबे समय से राजनीतिक मतभेदों और दूरी की खबरों के बीच यह दृश्य समर्थकों के लिए सुकून देने वाला रहा.
‘ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज’ का न्योता
तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले “ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज” के लिए अपने परिवार को औपचारिक निमंत्रण दिया है. उन्होंने लिखा कि पिता-माता के साथ आशीर्वाद लिया, छोटे भाई तेजस्वी से भेंट की और इस खास कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया.
राजनीति से इतर पारिवारिक संदेश
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब तेजप्रताप यादव आरजेडी से अलग होकर अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल का गठन कर चुके हैं. हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने महुआ सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली. इसके बावजूद, परिवार के साथ इस मुलाकात को सियासी मतभेदों से ऊपर उठकर रिश्तों को प्राथमिकता देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
नेताओं को भी भेजा निमंत्रण
तेजप्रताप यादव ने मकर संक्रांति के दही-चूड़ा भोज के लिए बिहार सरकार के कई मंत्रियों और नेताओं को भी व्यक्तिगत रूप से न्योता दिया है. इनमें उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं. इससे साफ है कि यह कार्यक्रम सिर्फ पारिवारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी खास माना जा रहा है.
कुल मिलाकर, तेजप्रताप और तेजस्वी की यह मुलाकात बिहार की राजनीति में भावनात्मक संदेश के साथ-साथ आने वाले दिनों के सियासी संकेत भी दे गई है.
