सीएम भगवंत मान–अमित शाह बैठक के बाद सीमावर्ती किसानों, बीज बिल और आरडीएफ समेत कई मुद्दों पर बना समाधान का रास्ता
Swaraj Times Desk: पंजाब के सीमावर्ती किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कंटीली तार के कारण जिन हजारों एकड़ जमीन पर खेती बाधित हो रही थी, वहां अब हालात बदलने की उम्मीद है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया, जिस पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है.
बॉर्डर पर कंटीली तार बने थे किसानों की परेशानी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक में बताया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार सीमा सुरक्षा दीवार जीरो लाइन से लगभग 150 मीटर दूर होनी चाहिए, लेकिन पंजाब के कई इलाकों में यह कंटीली तार 2 से 3 किलोमीटर अंदर तक लगी हुई है. इसके कारण हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि तार के उस पार चली गई है. किसानों को रोजाना बीएसएफ की निगरानी में पहचान पत्र दिखाकर अपने ही खेतों तक पहुंचना पड़ता है, जिससे खेती करना मुश्किल हो गया था.
सीएम मान ने मांग की कि यदि तार को सीमा के नजदीक शिफ्ट किया जाए, तो भारतीय क्षेत्र की बड़ी जमीन वापस उपयोग में आ सकेगी और किसान बिना डर और पाबंदियों के खेती कर सकेंगे. इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि यह मामला विचाराधीन है और पहले भी पठानकोट में इसी तरह की व्यवस्था पर काम किया गया है.
बीज बिल 2025 पर पंजाब के एतराज
बैठक में प्रस्तावित बीज बिल 2025 को लेकर भी मुख्यमंत्री ने गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान राज्य होने के बावजूद पंजाब को केंद्रीय बीज समिति में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा. जोन आधारित व्यवस्था से राज्य की आवाज कमजोर हो सकती है. साथ ही किसानों के लिए मुआवजा व्यवस्था को भी बिल में कमजोर बताया गया. सीएम मान ने स्पष्ट कहा कि किसानों को पूरी तरह बीज कंपनियों पर निर्भर बनाना पंजाब और देश दोनों के हित में नहीं है.
SYL और जल विवाद पर दो टूक
मुख्यमंत्री ने सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर पंजाब का रुख दोहराते हुए कहा कि राज्य के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है. सतलुज, रावी और ब्यास नदियों के जलस्तर में लगातार गिरावट आई है. ऐसे में SYL का निर्माण न व्यावहारिक है और न ही पंजाब के हित में.
अनाज ढुलाई, आढ़तिया कमीशन और RDA बकाया
भगवंत मान ने एफसीआई द्वारा अनाज की धीमी ढुलाई, आढ़तिया कमीशन फ्रीज करने और ग्रामीण विकास फंड (RDF) व मार्केट फीस के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने बताया कि आरडीएफ के करीब 9030 करोड़ रुपये और मार्केट फीस के 2267 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर असर पड़ रहा है. गृह मंत्री ने इस पर जल्द बैठक बुलाकर पहली किस्त जारी करने पर विचार का भरोसा दिया.
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
इस बैठक के बाद यह साफ संकेत मिला है कि सीमावर्ती कंटीली तार शिफ्ट होने से पंजाब के किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है. यदि यह फैसला लागू होता है तो हजारों किसान बिना प्रशासनिक रोक-टोक के अपनी जमीन पर खेती कर सकेंगे, जिससे पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
