US SEC से जुड़े समन की खबर के बाद मचा हड़कंप, एक दिन में 1.1 लाख करोड़ का नुकसान
Swaraj Times Desk: Adani Group: अमेरिका से आई एक खबर ने भारतीय शेयर बाजार में हलचल मचा दी, जिसका सीधा असर Adani Group की कंपनियों पर देखने को मिला. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि United States Securities and Exchange Commission (US SEC) ने अडानी ग्रुप के चेयरमैन Gautam Adani और उनके भतीजे Sagar Adani को ईमेल समेत अन्य माध्यमों से कानूनी समन भेजने के लिए अमेरिकी अदालत से अनुमति मांगी है. इस खबर के सामने आते ही निवेशकों में घबराहट फैल गई और अडानी ग्रुप के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली.
शेयर बाजार में क्यों मचा हड़कंप?
इस रिपोर्ट के बाद अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पावर, अडानी पोर्ट्स, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस जैसे शेयरों में 10 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. भारी बिकवाली के चलते अडानी ग्रुप की 10 लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप एक ही दिन में करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये घट गया. निवेशक खास तौर पर अमेरिकी जांच से जुड़ी खबरों को लेकर सतर्क नजर आए.
कंपनी ने दी सफाई
शेयरों में गिरावट के बीच अडानी ग्रुप की कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में स्थिति साफ की. कंपनियों ने कहा कि उनके खिलाफ कोई औपचारिक आरोप नहीं हैं और न ही वे किसी तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना कर रही हैं. ग्रुप ने यह भी दोहराया कि इससे पहले 21 नवंबर 2024 को भी ऐसी रिपोर्ट्स पर वह स्पष्ट कर चुका है कि सभी आरोप निराधार हैं और कंपनी हमेशा कानून का पालन करती आई है.
क्या हैं आरोप और जांच का मामला?
दरअसल, यह मामला अक्टूबर 2024 में New York की एक फेडरल कोर्ट में दर्ज हुआ था. इसमें आरोप लगाया गया कि भारत में रिन्युएबल एनर्जी प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए कुछ लोगों ने अमेरिकी निवेशकों को गुमराह कर फंड जुटाया और कथित तौर पर रिश्वत देने की योजना बनाई. हालांकि, कोर्ट से जुड़े दस्तावेजों में यह साफ नहीं है कि रिश्वत वास्तव में दी गई या नहीं, बल्कि केवल योजना का जिक्र किया गया है.
निवेशकों की नजर आगे क्या होगा?
फिलहाल अडानी ग्रुप का कहना है कि वह सभी नियमों और कानूनों का पूरी तरह पालन कर रहा है. लेकिन अमेरिकी एजेंसियों से जुड़ी खबरों का असर यह दिखाता है कि निवेशक किसी भी नई जानकारी को लेकर बेहद संवेदनशील हैं. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह मामला सिर्फ खबरों तक सीमित रहता है या बाजार पर इसका असर और गहरा पड़ता है.
