गणतंत्र दिवस 2026 पर देश ने फिर किया अपने नायकों को सलाम
Swaraj Times Desk: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए दिया जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय ने रविवार (25 जनवरी 2026) को बयान जारी कर बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सुरक्षा बलों के कुल 70 जवानों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दे दी है। इनमें से 6 जवानों को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया जाएगा, जो देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर गए।
गणतंत्र दिवस की शाम होगा सम्मान समारोह
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सोमवार (26 जनवरी 2026) की शाम को आयोजित विशेष समारोह में ये गैलेंट्री अवॉर्ड प्रदान किए जाएंगे। इस दौरान थलसेना, नौसेना, वायुसेना और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी अदम्य बहादुरी के लिए सम्मानित किया जाएगा।
सिर्फ वीरता पुरस्कार ही नहीं
इन 70 वीरता पुरस्कारों के अलावा, 301 अन्य जवानों को मिलिट्री डिग्रियां भी दी जाएंगी। ये डिग्रियां अनुकरणीय सेवा, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान की जाती हैं।
अशोक चक्र का महत्व
अशोक चक्र भारत का सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता सम्मान है। यह उन सैनिकों और नागरिकों को दिया जाता है, जिन्होंने युद्ध के अलावा अन्य परिस्थितियों में भी असाधारण साहस और बलिदान का परिचय दिया हो। शुभांशु शुक्ला को यह सम्मान मिलना न केवल भारतीय वायुसेना, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
देश ने फिर किया अपने नायकों को नमन
गणतंत्र दिवस 2026 पर यह सम्मान समारोह एक बार फिर याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा, सम्मान और प्रगति के पीछे हमारे जवानों का अमूल्य योगदान है, जिसे राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता।
