भारत के खिलाफ सख्ती ट्रंप को पड़ सकती है भारी, अपनी ही पार्टी में खुली बगावत के संकेत
Swaraj Times Desk: अमेरिकी राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया, जब रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सांसद टेड क्रूज का एक लीक्ड ऑडियो सामने आया. इस ऑडियो में क्रूज न सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना करते सुनाई दे रहे हैं, बल्कि यह चेतावनी भी दे रहे हैं कि यही नीतियां भविष्य में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की वजह बन सकती हैं. खास बात यह है कि यह पूरा विवाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील के इर्द-गिर्द घूमता नजर आ रहा है.
भारत के खिलाफ टैरिफ से नाराज अपने ही सांसद
लीक्ड ऑडियो के मुताबिक, टेड क्रूज ने निजी बातचीत में कहा कि भारत के साथ प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट लगातार ट्रंप प्रशासन की अंदरूनी राजनीति का शिकार हो रहा है. उन्होंने इसके लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, व्हाइट हाउस के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो और खुद राष्ट्रपति ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया.
क्रूज का कहना है कि भारत के खिलाफ बार-बार दी जा रही टैरिफ की धमकियां अमेरिका के हितों के भी खिलाफ हैं और इससे दोनों देशों के रिश्तों में बेवजह तनाव बढ़ रहा है.
‘टैरिफ बने तो महाभियोग तय’—क्रूज की चेतावनी
ऑडियो में टेड क्रूज यह कहते सुने गए कि अगर नवंबर 2026 तक अमेरिकी नागरिकों की 401(k) रिटायरमेंट सेविंग्स में 30 फीसदी तक गिरावट आती है और महंगाई 10 से 20 फीसदी तक पहुंच जाती है, तो रिपब्लिकन पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान होगा. उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में ट्रंप न सिर्फ हाउस और सीनेट का कंट्रोल खो सकते हैं, बल्कि हर हफ्ते महाभियोग की मांग का सामना करना पड़ सकता है.
ट्रंप से तीखी बातचीत का दावा
क्रूज ने यह भी खुलासा किया कि अप्रैल 2025 में जब ट्रंप ने कई देशों पर टैरिफ लगाने शुरू किए, तब उन्होंने और कुछ अन्य सांसदों ने राष्ट्रपति से सीधे बात की थी. बातचीत आधी रात तक चली, लेकिन हालात बिगड़ गए. क्रूज के मुताबिक, ट्रंप इस दौरान गुस्से में आ गए, चिल्लाए और अपशब्दों का इस्तेमाल किया.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संकट
ऑडियो में एक डोनर के सवाल पर क्रूज ने साफ कहा कि व्हाइट हाउस के अंदर ही ऐसे लोग हैं जो भारत के साथ समझौते के खिलाफ हैं. उन्होंने जेडी वेंस को एक कट्टर विदेश नीति सोच का समर्थक बताते हुए कहा कि यही विचारधारा भारत-अमेरिका रिश्तों में सबसे बड़ी रुकावट बन रही है.
सियासी संकेत क्या कहते हैं?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह लीक्ड ऑडियो ट्रंप प्रशासन के भीतर गहरे मतभेदों की ओर इशारा करता है. भारत के खिलाफ आक्रामक टैरिफ नीति अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय विवाद नहीं, बल्कि अमेरिका की घरेलू राजनीति में भी ट्रंप के लिए सिरदर्द बनती जा रही है.
