• Thu. Mar 12th, 2026

वैश्विक तनाव के बीच नई रणनीति, भारत-कनाडा साझेदारी से बदल सकता है शक्ति संतुलन

Swaraj Times Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी टैरिफ चेतावनियों के बीच कनाडा ने अपनी वैश्विक रणनीति में बड़ा मोड़ लेने के संकेत दिए हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी जल्द भारत दौरे पर आ सकते हैं, जहां कई अहम क्षेत्रों में बड़े समझौते होने की संभावना जताई जा रही है। यह संभावित दौरा न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने संकेत दिए हैं कि कार्नी की यात्रा भारत के केंद्रीय बजट के बाद, संभवतः मार्च के पहले सप्ताह में हो सकती है। इस दौरे के दौरान परमाणु ऊर्जा, तेल और गैस, महत्वपूर्ण खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, पर्यावरण, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में समझौते किए जा सकते हैं। साथ ही भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से अटकी व्यापक आर्थिक साझेदारी (CEPA) वार्ता को भी औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने की तैयारी है।

भारत-कनाडा रिश्तों में नई शुरुआत
बीते कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण रहे थे, खासकर 2023 में कनाडा के तत्कालीन नेतृत्व द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद। हालांकि, नई सरकार के नेतृत्व में ओटावा अब रिश्तों को सामान्य और मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय दिख रहा है। हाल के महीनों में राजनयिक स्तर पर संपर्क बढ़े हैं और दोनों देशों ने अपने उच्चायुक्तों की बहाली भी की है।

वैश्विक शक्ति संतुलन की नई दिशा
विश्व आर्थिक मंच के दौरान कार्नी ने संकेत दिया था कि दुनिया पुराने आर्थिक ढांचे से आगे बढ़ रही है और मध्यम शक्तियों को नए गठबंधन बनाने होंगे। ऐसे में भारत जैसे तेजी से उभरते वैश्विक खिलाड़ी के साथ करीबी सहयोग कनाडा की प्राथमिकता बनता दिख रहा है। चीन के साथ सीमित आर्थिक समझौतों के बावजूद कनाडा ने स्पष्ट किया है कि वह संतुलित और विविध साझेदारियां चाहता है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
भारत स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स और हाई-टेक सेक्टर में वैश्विक साझेदारों की तलाश में है। कनाडा इन सभी क्षेत्रों में समृद्ध संसाधन और तकनीकी क्षमता रखता है। यदि प्रस्तावित समझौते साकार होते हैं, तो यह साझेदारी दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई गति दे सकती है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय खोल सकती है।

ट्रंप की व्यापारिक सख्ती के बीच भारत-कनाडा की बढ़ती नजदीकियां अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *