“UGC इज ऑल राइट” — सपा नेता बोले, विरोध करने वाले वंचित वर्गों के खिलाफ
Swaraj Times Desk: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपना रुख साफ कर दिया है। राज्यसभा सांसद और सपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने खुलकर कहा कि पार्टी UGC के नए नियमों के समर्थन में खड़ी है और जो लोग इनका विरोध कर रहे हैं, वे दरअसल ओबीसी, एससी, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के हितों के खिलाफ हैं।
रामगोपाल यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “UGC इज ऑल राइट”, यानी आयोग द्वारा बनाए गए नियम पूरी तरह सही हैं। उनका मानना है कि इन नियमों से उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक न्याय और बराबरी की भावना मजबूत होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले लोग उन वर्गों को अवसर मिलने से रोकना चाहते हैं, जो ऐतिहासिक रूप से वंचित रहे हैं।
सपा ने विरोधियों पर साधा सीधा निशाना
सपा नेता का बयान ऐसे समय आया है जब कई संगठनों और राजनीतिक समूहों द्वारा UGC नियमों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ जगहों पर इन नियमों को सवर्ण विरोधी बताया जा रहा है, लेकिन सपा का कहना है कि यह धारणा भ्रामक है। रामगोपाल यादव के मुताबिक, नियमों का मकसद शिक्षा में समावेशिता बढ़ाना है, न कि किसी वर्ग के साथ अन्याय करना।
संसद में उठेगा बड़ा मुद्दा
रामगोपाल यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे के साथ-साथ विदेश नीति, उत्तर प्रदेश में दलित-पिछड़ों पर अत्याचार और अन्य सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों को जोरदार तरीके से उठाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि देश की वैश्विक स्थिति कमजोर हुई है।
यूपी सरकार पर भी हमला
सपा सांसद ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में प्रशासनिक संवेदनशीलता खत्म हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग खुद को धर्म का रक्षक बताते हैं, वही धर्मगुरुओं और परंपराओं का सम्मान नहीं कर रहे।
क्यों अहम है सपा का यह रुख?
UGC नियमों पर सपा का समर्थन इस पूरे विवाद को सामाजिक न्याय बनाम विशेषाधिकार की बहस की ओर मोड़ सकता है। यह बयान आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि शिक्षा और आरक्षण से जुड़े मुद्दे हमेशा राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहे हैं।
