राजनीति और संघर्ष से भरा पवार परिवार का सफर — Baramati से मुंबई तक
Swaraj Times Desk: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री वरिष्ठ नेता अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में प्लेन क्रैश में निधन हो गया। चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे, तभी यह दुखद हादसा हुआ। उनकी मौत ने राजनीतिक हलकों और जनता में गहरा शोक फैलाया है।
अब जानते हैं उनके परिवार और पवार परिवार की कहानी, जो शराबी नहीं, संघर्ष और राजनीति से भरी रही है —
🔹 कौन थे अजित पवार?
अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के राहुरी तालुका के देवलाली प्रवारा में हुआ था। उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई शिवाजी यूनिवर्सिटी से की और राजनीति में कदम रखा। वे शरद पवार के भतीजे और एनसीपी के वरिष्ठ नेता थे। पिछले साल उन्होंने अपनी राजनीतिक राह बदलते हुए BJP-शिवसेना गठबंधन में शामिल होकर डिप्टी सीएम का पद संभाला था।
पारिवारिक बुनियाद — पवार परिवार
शरद पवार
अजित के चाचा और दिग्गज नेता — भारतीय राजनीति में एक स्थापित नाम। पवार परिवार की जड़ें महाराष्ट्र के सातारा से हैं।
गोविंदराव पवार
शरद पवार के पिता, जिन्होंने गन्ना सहकारी आंदोलन में अहम भूमिका निभाई और किसानों को संगठित किया।
शारदाबाई पवार
परिवार की प्रेरणास्त्रोत महिला — स्थानीय राजनीति और समाज सेवा में अग्रणी रहीं। उनके प्रयासों से महिलाओं के लिए नाइट स्कूल और हेल्थ क्लिनिक भी चले।
अजित पवार का अपना परिवार
🔹 मां: आशा पवार — अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने चाहा था कि अजित मुख्यमंत्री बनें।
🔹 पत्नी: सुनेत्रा पवार — पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन।
🔹 बेटे: पार्थ पवार और जय पवार
- पार्थ 2019 में मावल से लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे।
- जय पवार वर्तमान में कारोबार से जुड़े हैं।
राजनीति की राह
अजित पवार ने राजनीतिक सफर सहकारी समितियों से शुरू किया और 1991 में बारामती से सांसद चुने गए। बाद में विधानसभा में जीतकर विविध विभागों में मंत्री रहे। 1999 में जब शरद पवार ने कांग्रेस छोड़कर NCP बनाई, तब वह उनके साथ थे और युवा उम्र में मंत्री बने थे।
संघर्ष की परतें
पवार परिवार के बड़े भाई वसंतराव पवार की डकैत मुठभेड़ में मौत भी रणभूमि की एक कड़ी है। वह गन्ने की फसल बचाने गए थे, तभी मार दिए गए — आज भी उनके लिए स्मारक मौजूद है।
