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22 गज की पिच पर खड़े ये तीन डंडे सिर्फ लकड़ी नहीं, हाई-टेक तकनीक का कमाल हैं!

Swaraj Times Desk: क्रिकेट में बैट और बॉल जितने जरूरी हैं, उतने ही अहम होते हैं स्टंप्स और बेल्स. विकेट गिरे बिना आउट मिलना नामुमकिन है, इसलिए ये तीन पतले डंडे खेल का असली फैसला करने वाले गवाह होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी तय लंबाई क्या होती है और आजकल इस्तेमाल होने वाले LED स्टंप्स की कीमत कितनी है?

कितनी होती है स्टंप्स की लंबाई?

इंटरनेशनल क्रिकेट में हर स्टंप की लंबाई 28 इंच (लगभग 71.1 सेंटीमीटर) तय है। तीनों स्टंप्स के बीच की कुल चौड़ाई 9 इंच होती है। इनके ऊपर रखी जाने वाली बेल्स हल्की होती हैं ताकि गेंद लगते ही गिर सकें।
आईसीसी नियमों के मुताबिक स्टंप्स बेलनाकार होते हैं और उनका व्यास लगभग 3.5 से 3.8 सेंटीमीटर के बीच होता है। बेल्स स्टंप्स के ऊपर इस तरह फिट रहती हैं कि हल्का सा झटका भी उन्हें गिरा दे।

LED स्टंप्स क्या होते हैं?

पहले स्टंप्स और बेल्स साधारण लकड़ी के होते थे, लेकिन अब बड़े टूर्नामेंट में LED स्टंप्स और बेल्स का इस्तेमाल होता है। इनमें माइक्रो सेंसर और बैटरी लगी होती है। जैसे ही गेंद या बैट स्टंप्स को छूता है, बेल्स चमक उठती हैं। इससे अंपायर को तुरंत समझ आता है कि बेल्स हवा से नहीं बल्कि गेंद लगने से गिरी हैं।
यह तकनीक रन-आउट और स्टंपिंग जैसे करीबी फैसलों में बेहद मददगार साबित होती है।

ICC ने कब दी मंजूरी?

आईसीसी ने पहली बार 2013 में LED स्टंप्स और बेल्स के उपयोग को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मंजूरी दी थी। इसके बाद से वर्ल्ड कप, टी20 लीग और बड़े टूर्नामेंट्स में इनका इस्तेमाल आम हो गया।

कितनी होती है कीमत?

एक LED स्टंप्स और बेल्स का पूरा सेट लगभग 30 से 35 लाख रुपये तक का होता है। यह महंगा इसलिए है क्योंकि इसमें सेंसिटिव इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स, मजबूत फाइबर मैटेरियल और वायरलेस तकनीक इस्तेमाल होती है। ज्यादातर क्रिकेट बोर्ड इन्हें खरीदने के बजाय टूर्नामेंट के दौरान किराए पर लेते हैं।

तकनीक ने बदला विकेट का खेल

आज के क्रिकेट में स्टंप्स सिर्फ लकड़ी के डंडे नहीं, बल्कि हाई-टेक फैसले करने वाली मशीन बन चुके हैं। हर बार जब बेल्स चमकती हैं, करोड़ों दर्शकों की धड़कनें भी उसी के साथ चमक उठती हैं।

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