अजित पवार के बाद सत्ता संतुलन की जंग, परिवार और पार्टी में मंथन तेज
Swaraj Times Desk: महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा हलचल भरा मोड़ आता दिख रहा है। अजित पवार के निधन के बाद नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों — अजित पवार गुट और शरद पवार गुट — के बीच विलय की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि अब आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर अंतिम फैसला पवार परिवार के स्तर पर लिया जाएगा, जिसमें शरद पवार की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि अगले दो दिनों के भीतर परिवार और वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हो सकती है। इस बैठक में न केवल पार्टी के भविष्य पर चर्चा होगी, बल्कि यह भी तय किया जाएगा कि महाराष्ट्र का अगला डिप्टी मुख्यमंत्री कौन बनेगा। अजित पवार महायुति सरकार में डिप्टी सीएम के साथ-साथ वित्त, आबकारी और खेल जैसे अहम विभाग संभाल रहे थे, इसलिए इन विभागों के बंटवारे को लेकर भी मंथन जारी है।
👀 सुनेत्रा पवार का नाम चर्चा में
इधर, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को लेकर भी पार्टी के भीतर भावनात्मक और राजनीतिक समर्थन बढ़ता दिख रहा है। एनसीपी के कुछ विधायक और नेता चाहते हैं कि उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जाए। इसी सिलसिले में नेताओं का एक समूह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अपनी राय रखने की तैयारी में है।
संगठन में भी बड़े बदलाव संभव
पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव पर विचार हो रहा है। एक प्रस्ताव यह भी सामने आया है कि फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए, ताकि संक्रमण काल में नेतृत्व स्थिर रह सके।
क्या होगा NCP का भविष्य?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों गुटों का विलय होता है तो यह महाराष्ट्र की सत्ता समीकरणों को गहराई से प्रभावित करेगा। शरद पवार की सहमति जिस नाम पर बनेगी, वही चेहरा आगे की राजनीति का केंद्र बन सकता है। फिलहाल निगाहें पवार परिवार की बैठक और उसके बाद होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।
