Union Budget 2026: महिला, किसान और युवाओं का जिक्र तक नहीं — सपा सांसद का तीखा हमला
Swaraj Times Desk: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर विपक्ष का हमला लगातार तेज हो रहा है। इसी कड़ी में Dimple Yadav, जो समाजवादी पार्टी की सांसद और Akhilesh Yadav की पत्नी हैं, ने बजट को “बहुत ही निराशावादी” करार दिया है। उनका कहना है कि इस बजट में आम लोगों के लिए ठोस राहत या भविष्य की स्पष्ट दिशा नजर नहीं आती।
“तकनीकी भाषा में छिपी सच्चाई”
डिंपल यादव ने कहा कि बजट की भाषा इतनी जटिल है कि आम आदमी समझ ही नहीं पाएगा कि उसे क्या मिला। उनके मुताबिक, सरकार बड़े शब्दों और तकनीकी शब्दावली के पीछे असली मुद्दों को छिपा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बजट में घोषणाएं तो बहुत हैं, लेकिन ज़मीन पर असर डालने वाले कदम नजर नहीं आते।
किसान और महिलाओं पर सवाल
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि बजट में किसानों के लिए कोई ठोस राहत पैकेज नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि हर साल किसानों को उम्मीद होती है कि उनकी आय, लागत और कर्ज जैसी समस्याओं पर ठोस फैसला होगा, लेकिन इस बार भी निराशा हाथ लगी।
महिलाओं के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि महंगाई, पोषण और सुरक्षा जैसे विषयों पर गंभीर योजनाओं की जरूरत थी, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई बड़ा संदेश नहीं मिला।
युवा, शिक्षा और स्वास्थ्य भी नजरअंदाज
डिंपल यादव ने कहा कि युवाओं के रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए बजट में पर्याप्त पहल नहीं की गई। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में इन दोनों क्षेत्रों की स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण है, लेकिन बजट में इनके लिए अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दिखाई गई।
“घोषणाओं से नहीं, असर से आंका जाएगा बजट”
उन्होंने याद दिलाया कि बजट से पहले उन्होंने यह सवाल उठाया था कि पिछले वर्षों की घोषणाओं का कितना फायदा जनता तक पहुंचा। उनके मुताबिक, असली परीक्षा यही है कि योजनाओं का असर लोगों की जिंदगी में दिखे, सिर्फ कागजों में नहीं।
डिंपल यादव का यह बयान साफ करता है कि बजट 2026 को लेकर सियासी घमासान अभी थमने वाला नहीं है, खासकर जब विपक्ष इसे आम जनता की उम्मीदों से दूर बता रहा है।
