Budget 2026 Public Disappointment: टैक्स राहत गायब, किसान खाली हाथ, चुनावी राज्यों को भी नहीं मिली बड़ी सौगात
Swaraj Times Desk: Nirmala Sitharaman द्वारा पेश किए गए Budget 2026 से पहले देशभर में उम्मीदों का माहौल था। मध्यम वर्ग टैक्स राहत की आस लगाए बैठा था, किसान किसी बड़े पैकेज की उम्मीद कर रहे थे और चुनावी राज्यों के लोग विशेष घोषणाओं की राह देख रहे थे। लेकिन बजट भाषण खत्म होते-होते तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आई। कई अहम उम्मीदें पूरी होती नहीं दिखीं।
1. इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद टूटी
पिछले साल टैक्स लिमिट बढ़ने के बाद उम्मीद थी कि इस बार भी स्लैब में कुछ राहत मिलेगी। मिडिल क्लास को उम्मीद थी कि नई टैक्स व्यवस्था में निवेश पर अतिरिक्त छूट या लिमिट बढ़ाने जैसी घोषणा होगी। लेकिन बजट में इस मोर्चे पर कोई बड़ा बदलाव सामने नहीं आया, जिससे वेतनभोगी वर्ग निराश दिखा।
2. किसानों के लिए नहीं आया बड़ा पैकेज
किसानों को उम्मीद थी कि MSP दायरे में नई फसलें जुड़ेंगी या पीएम-किसान की राशि बढ़ेगी। खेती की लागत, उर्वरक सब्सिडी और कर्ज राहत जैसे मुद्दों पर भी ठोस कदम की उम्मीद थी। मगर बजट में कृषि के लिए सामान्य घोषणाएं तो रहीं, पर कोई बड़ा सीधा राहत पैकेज नहीं दिखा।
3. रोजगार पर बड़ी योजना का इंतजार अधूरा
युवा वर्ग खासकर नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को उम्मीद थी कि सरकार कोई बड़ी रोजगार योजना लाएगी। स्किल, स्टार्टअप और डिजिटल सेक्टर पर बातें हुईं, लेकिन तत्काल बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा करने वाली अलग से कोई मेगा स्कीम घोषित नहीं हुई।
4. सीनियर सिटीजन को नहीं मिली अतिरिक्त राहत
वरिष्ठ नागरिकों को उम्मीद थी कि स्वास्थ्य बीमा, ब्याज आय पर टैक्स या यात्रा रियायतों में राहत मिलेगी। लेकिन उनके लिए अलग से बड़ी वित्तीय राहत या नई योजना की घोषणा नहीं की गई।
5. चुनावी राज्यों को नहीं मिला खास पैकेज
चुनाव वाले राज्यों में विशेष आर्थिक पैकेज या बड़ी परियोजनाओं की उम्मीद थी। कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर और सेक्टर आधारित घोषणाएं जरूर हुईं, मगर वैसी सीधी, राज्य-विशेष सौगात नहीं दिखी जिसकी चर्चा पहले से चल रही थी।
कुल मिलाकर, Budget 2026 में दीर्घकालिक योजनाओं और ढांचागत निवेश पर जोर दिखा, लेकिन रोजमर्रा की सीधी राहत की उम्मीद कर रहे लोगों को इस बार ठोस फायदा महसूस नहीं हुआ।
