Budget 2026: कांग्रेस सांसद बोले – न किसान, न युवा, न गरीब… आखिर बजट किसके लिए?
Swaraj Times Desk: केंद्रीय बजट 2026 पेश होते ही सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Randeep Surjewala ने बजट पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “राजनीतिक तौर पर दिशाहीन” करार दिया है। उनका कहना है कि यह बजट आम लोगों की समस्याओं से कटा हुआ है और सिर्फ जुमलों का पुलिंदा बनकर रह गया है।
सुरजेवाला ने तंज कसते हुए कहा कि यह बजट “पॉलिसी बैंकरप्सी” का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने अंग्रेज़ी शब्द “मंबो-जंबो” का हवाला देते हुए कहा कि बजट भाषण में ऐसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल किया गया जिन्हें न आम जनता समझ पाई, न बाजार, न अर्थशास्त्री और शायद खुद सरकार भी।
किसान और ग्रामीण भारत को लेकर नाराज़गी
कांग्रेस नेता का आरोप है कि बजट में किसानों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई। न न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कोई बड़ा कदम, न कर्ज राहत, और न ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का स्पष्ट रोडमैप। उन्होंने कहा कि खेत-खलिहान और गांवों की वास्तविक परेशानियों पर सरकार ने चुप्पी साध ली है।
बेरोजगारी और युवाओं पर सवाल
सुरजेवाला ने युवाओं के रोजगार को लेकर भी सरकार को घेरा। उनके मुताबिक, सरकार ने रोजगार सृजन के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन जमीन पर नई नौकरियों के लिए कोई स्पष्ट योजना पेश नहीं की। उन्होंने कहा कि देश का युवा नौकरी की आस लगाए बैठा है, लेकिन बजट में उसके भविष्य को लेकर ठोस दिशा दिखाई नहीं देती।
छोटे कारोबार और सामाजिक वर्गों की अनदेखी
उन्होंने दावा किया कि लघु उद्यमियों, दुकानदारों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के लिए भी बजट में कोई स्पष्ट प्रावधान नजर नहीं आता। सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए आवंटन बढ़ाने की बजाय सरकार ने सिर्फ घोषणाओं को दोहराया है।
बाजार और अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी
सुरजेवाला ने कहा कि बजट के बाद शेयर बाजार की प्रतिक्रिया भी सरकार के दावों पर सवाल खड़े करती है। उनके अनुसार, अगर बजट वाकई विकासोन्मुख होता, तो बाजार और निवेशकों का भरोसा साफ झलकता।
अंत में उन्होंने कहा कि “रिफॉर्म एक्सप्रेस” शुरू होने से पहले ही पटरी से उतर गई है। उनके मुताबिक, यह बजट आम भारत की जरूरतों से दूर और राजनीतिक रूप से भ्रमित दस्तावेज है।
