Cigarette Pack Revised Price: टैक्स बढ़ोतरी का असर दिखा बाजार में, स्मोकर्स का मासिक खर्च तेजी से बढ़ा
Swaraj Times Desk: धूम्रपान करने वालों के लिए इस साल का बजट किसी झटके से कम नहीं है। केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों और सिगरेट पर टैक्स बढ़ाने का फैसला किया, जिसके बाद बाजार में सिगरेट की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित नई कर व्यवस्था 1 फरवरी से लागू हो चुकी है, और इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
सबसे बड़ा बदलाव सिगरेट के पैकेट की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में देखने को मिला है। कुछ ब्रांड्स में तो कीमतों में 70 से 90 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर, पहले जो 20 सिगरेट का पैकेट 200 रुपये में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर लगभग 380 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह छोटे पैक की कीमतों में भी भारी उछाल आया है।
रोज की आदत अब बनेगी महंगी
खुदरा दुकानों पर प्रति सिगरेट की कीमत भी बढ़ गई है। जहां पहले एक सिगरेट 10 रुपये के आसपास मिल जाती थी, अब वही 12 से 13 रुपये तक पहुंच गई है। यानी रोज 10 सिगरेट पीने वाला व्यक्ति अब महीने में सैकड़ों रुपये ज्यादा खर्च करेगा। मध्यम वर्ग और युवाओं के लिए यह बढ़ोतरी सीधे बजट पर असर डालने वाली है।
टैक्स स्ट्रक्चर में क्या बदला?
सरकार ने सिगरेट पर टैक्स लगाने की पुरानी प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब लंबाई, फिल्टर और अन्य तकनीकी मापदंडों के आधार पर टैक्स स्लैब तय किए जा रहे हैं। इसके अलावा नई एक्साइज ड्यूटी और अतिरिक्त सेस लगाए गए हैं। विश्लेषकों, जैसे ICICI Securities, का मानना है कि कंपनियों पर बढ़े टैक्स बोझ को सीधे ग्राहकों पर डाल दिया गया है।
सरकार का मकसद क्या है?
सरकार का कहना है कि तंबाकू उत्पादों को महंगा बनाने का उद्देश्य खासकर युवाओं को धूम्रपान से दूर रखना है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लंबे समय से कहते रहे हैं कि ऊंचे टैक्स तंबाकू सेवन घटाने का असरदार तरीका हैं। कुल मिलाकर, यह साफ है कि अब सिगरेट सिर्फ सेहत ही नहीं, जेब के लिए भी ज्यादा नुकसानदेह होती जा रही है।
