Indian Currency: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी बाजारों में हलचल, लेकिन भारतीय मुद्रा ने दिखाई मजबूती
Swaraj Times Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के नए 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ ऐलान से वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मच गई है। इससे पहले Supreme Court of the United States ने उनके आपातकालीन टैरिफ फैसले को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद नए टैरिफ कदम से वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों में दबाव दिखा।
लेकिन इस हलचल के बीच भारतीय रुपया मजबूती के साथ उभरा। बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया छह पैसे बढ़कर 90.89 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में यह 90.95 पर बंद हुआ था। कमजोर अमेरिकी डॉलर और घरेलू शेयर बाजार की सकारात्मक शुरुआत ने रुपये को सहारा दिया।
डॉलर इंडेक्स में गिरावट
डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की ताकत दर्शाता है, 0.07 प्रतिशत गिरकर 97.77 पर आ गया। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी नीतिगत अनिश्चितता और टैरिफ विवाद ने डॉलर पर दबाव डाला है।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये की तेजी को सीमित रखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.37 प्रतिशत चढ़कर 71.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार में जोश
घरेलू बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 558 अंक से अधिक चढ़कर 82,784 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 25,581 के स्तर पर मजबूती से बंद हुआ। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 102 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे, जिससे सतर्कता बनी हुई है।
विशेषज्ञों की राय
Finrex Treasury Advisors LLP के ट्रेज़री प्रमुख अनिल कुमार भंसाली के मुताबिक डॉलर की मांग बनी हुई है, लेकिन रुपया 90.75 से 91.25 के दायरे में कारोबार कर सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि डॉलर में किसी भी गिरावट पर फिर से खरीदारी देखी जा सकती है।
आगे क्या?
वैश्विक टैरिफ तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेश का रुख आने वाले दिनों में रुपये की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, अमेरिकी दबाव के बीच भारतीय मुद्रा का संतुलित प्रदर्शन निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
