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PM Modi Israel Visit: मोदी-नेतन्याहू मुलाकात के बीच 6 मिड-एयर रिफ्यूलर पर नजर, वायुसेना को मिलेगी लंबी उड़ान की ताकत

Swaraj Times Desk: प्रधानमंत्री Narendra Modi के दो दिवसीय इजरायल दौरे ने रणनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। यूएस-ईरान तनाव और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह यात्रा भारत-इजरायल रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई दे सकती है। सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय वायुसेना के लिए 6 मिड-एयर रिफ्यूलर विमानों की संभावित डील को लेकर है, जो IAF की वर्षों पुरानी कमी को पूरा कर सकती है।

क्या है प्रस्तावित डील?

सूत्रों के मुताबिक, इस समझौते के तहत इजरायल भारत की Hindustan Aeronautics Limited (HAL) के साथ साझेदारी करेगा। योजना है कि 6 पुराने Boeing-767 यात्री विमानों को सैन्य टैंकर में परिवर्तित किया जाए। इन विमानों के जरिए लड़ाकू जेट हवा में ही ईंधन भर सकेंगे, जिससे उनकी मारक क्षमता और ऑपरेशन रेंज कई गुना बढ़ जाएगी। इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 8,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

क्यों अहम है यह कदम?

मौजूदा समय में भारतीय वायुसेना केवल 6 रूसी IL-78 टैंकर विमानों पर निर्भर है। पिछले दो दशकों से नए टैंकर शामिल नहीं हो पाए, जिसके चलते IAF को कई बार लीज पर विमानों का सहारा लेना पड़ा। यदि यह डील फाइनल होती है तो लंबी दूरी के मिशन, स्ट्राइक ऑपरेशन और आपातकालीन तैनाती में भारत की क्षमता काफी मजबूत होगी।

रणनीतिक साझेदारी का विस्तार

इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी की इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से विस्तृत बातचीत होगी। रक्षा के अलावा विज्ञान, तकनीक, कृषि, जल प्रबंधन और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

पीएम मोदी इजरायली संसद (क्नेसेट) को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच भरोसे और रणनीतिक तालमेल को और गहरा करने का संकेत है।

आगे क्या?

बताया जा रहा है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में है और 2026 तक इस डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो भारतीय वायुसेना को “फोर्स मल्टीप्लायर” क्षमता मिलेगी, जो किसी भी संभावित संघर्ष में निर्णायक साबित हो सकती है।

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