• Sat. Mar 7th, 2026

Uttarakhand News In Hindi: जल संस्थान और सिंचाई विभाग बने सबसे बड़े बकाएदार, समय पर भुगतान नहीं हुआ तो कट सकती है सप्लाई

Swaraj Times Desk: उत्तराखंड में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया 104 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है, जिससे ऊर्जा तंत्र पर गंभीर वित्तीय दबाव बन गया है। Uttarakhand Power Corporation Limited (UPCL) ने सख्त कदम उठाते हुए बकाएदारों की सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी है। निगम ने फैसला किया है कि अब हर महीने अद्यतन सूची जारी की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और संबंधित विभागों पर जवाबदेही तय हो सके।

2 मार्च तक के आंकड़ों के मुताबिक, राज्यभर के सरकारी संस्थानों और कुछ निजी औद्योगिक इकाइयों पर कुल 104.57 करोड़ रुपये बकाया हैं। सबसे ज्यादा देनदारी जल संस्थान और सिंचाई विभाग पर है। अल्मोड़ा जिले में जल संस्थान के एक खाते पर ही 10.34 करोड़ रुपये लंबित हैं, जो राज्य के सबसे बड़े बकायों में शामिल है। टिहरी में पेयजल निगम पर 4.52 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बाकी है।

हरिद्वार और देहरादून में गंभीर हालात

हरिद्वार के ज्वालापुर डिवीजन में गंगा परियोजना से जुड़े एक प्रोजेक्ट मैनेजर पर 4.49 करोड़ और एक अन्य अधिकारी पर 2.16 करोड़ रुपये बकाया हैं। रुड़की में एक निजी औद्योगिक इकाई पर 3.75 करोड़ रुपये की देनदारी दर्ज की गई है। राजधानी देहरादून में जलकल अभियंता के एक खाते पर 1.63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण परियोजना पर भी एक करोड़ से ज्यादा का भुगतान अटका हुआ है।

मेडिकल कॉलेज से नलकूप खंड तक बकाया

Sobhan Singh Jeena Government Institute of Medical Sciences पर 14.64 लाख रुपये का बिल बाकी है। नैनीताल जिले में नलकूप खंड पर 44.78 लाख और चंपावत के कई खातों पर लाखों रुपये बकाया हैं। बड़कोट में जल संस्थान पर 25.90 लाख रुपये का भुगतान अब तक नहीं हुआ है।

बिजली कटौती की चेतावनी

UPCL प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित की जा सकती है। लगातार बढ़ते बकाए से निगम के रखरखाव और आपूर्ति तंत्र पर असर पड़ रहा है। अगली समीक्षा रिपोर्ट अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में जारी होगी।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विभागों ने जल्द भुगतान नहीं किया तो राज्य की बिजली व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *