PM Modi Middle East War: केरल में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट संकट पर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
Swaraj Times Desk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी इतने बड़े वैश्विक संकट के समय भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है और गैर-जिम्मेदाराना बयान देकर स्थिति को भड़काने की कोशिश कर रही है।
केरल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जो कुछ भी हो रहा है, उससे भारत के लोग स्वाभाविक रूप से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि लाखों भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में काम करते हैं और वहां की परिस्थितियों को लेकर देश के लोगों की चिंता स्वाभाविक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार हमेशा अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि जब भी दुनिया के किसी भी हिस्से में भारतीय नागरिक संकट में फंसे हैं, भारत सरकार ने पूरी ताकत के साथ उन्हें सुरक्षित निकालने का प्रयास किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में देश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एनडीए की सरकार है, जो अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकार हर परिस्थिति में भारतीयों को सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाती रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इतने बड़े वैश्विक संकट के बीच भी कांग्रेस राजनीतिक लाभ ढूंढने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता जानबूझकर उकसाने वाले बयान दे रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को और जटिल बना सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना हैं बल्कि इससे विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है और बाद में सरकार की आलोचना करना है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत के खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंध हैं और वहां की सरकारें भी भारतीय नागरिकों का पूरा ध्यान रख रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत और गल्फ देशों के बीच सहयोग और विश्वास का रिश्ता लगातार मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट संकट और भारत की विदेश नीति को लेकर देश की राजनीति में बहस और तेज हो गई है।
