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मोकामा के ‘बाहुबली’ विधायक अनंत सिंह की रिहाई कलमोकामा के ‘बाहुबली’ विधायक अनंत सिंह की रिहाई कल

Bihar News: मोकामा विधायक अनंत सिंह 23 मार्च को जेल से रिहा होंगे। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद समर्थकों में उत्साह, जानें पूरा कार्यक्रम और केस डिटेल।

Swaraj Times Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मोकामा से विधायक और ‘बाहुबली’ छवि वाले नेता अनंत सिंह 23 मार्च 2026 को जेल से रिहा होने जा रहे हैं। करीब चार महीने बाद उन्हें हाई कोर्ट से जमानत मिली है, जिसके बाद उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जेल से बाहर आएंगे। रिहाई के बाद वह सीधे पटना स्थित अपने आवास 1 मॉल रोड पहुंचेंगे। इस दौरान पटना से लेकर बख्तियारपुर तक उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है।

रिहाई के बाद तय कार्यक्रम

अनंत सिंह की रिहाई के बाद उनका कार्यक्रम पहले से तय कर लिया गया है।
23 मार्च को पटना पहुंचने के बाद अगले दिन यानी 24 मार्च की सुबह 8 बजे वह बड़हिया के महारानी स्थान के लिए रवाना होंगे। यह यात्रा बख्तियारपुर पुरानी सड़क मार्ग से होगी।

यात्रा के दौरान डुमरा गांव में मुखिया विनीत उर्फ कारू के यहां उनके भोजन का कार्यक्रम भी रखा गया है। इसे शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।

समर्थकों में उत्साह, प्रशासन अलर्ट

अनंत सिंह की रिहाई को लेकर समर्थकों ने भव्य स्वागत की तैयारी की है। जगह-जगह बैनर-पोस्टर लगाए जा रहे हैं और रोड शो जैसी स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं।
हालांकि, प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सतर्क है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

क्या है पूरा मामला?

अनंत सिंह को 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 30 अक्टूबर 2025 को हुई इस घटना के बाद 1 नवंबर को पुलिस ने उन्हें बाढ़ के लदमा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था।

इस मामले में उन पर गोली मारने का आरोप लगाया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कुछ अलग सामने आया।

जमानत कैसे मिली?

हाई कोर्ट के जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद शर्तों के साथ जमानत दी। कोर्ट ने कहा कि अगर अनंत सिंह गवाहों को प्रभावित करते हैं या जांच में बाधा डालते हैं, तो उनकी जमानत रद्द की जा सकती है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण लाठी से मारपीट और वाहन से कुचलना बताया गया, जबकि गोली लगने की पुष्टि मुख्य कारण के रूप में नहीं हुई। साथ ही, पुलिस की ओर से घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी को लेकर स्पष्ट प्रमाण नहीं दिए जा सके, जिससे उन्हें राहत मिली।

सियासी असर भी तय

अनंत सिंह की रिहाई को बिहार की राजनीति में अहम माना जा रहा है। उनकी वापसी से मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। आने वाले दिनों में उनकी सक्रियता और राजनीतिक रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।

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