पवार परिवार के हाथ में कमान, राज्य की राजनीति में नई पीढ़ी की एंट्री
Swaraj Times Desk: महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, Sunetra Pawar 31 जनवरी की शाम 5 बजे राज्य की उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं। अगर यह फैसला आधिकारिक रूप लेता है, तो वह महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनकर एक नया रिकॉर्ड कायम करेंगी।
यह फैसला सिर्फ एक पद की अदला-बदली नहीं, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत के अगले अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। दिवंगत नेता Ajit Pawar के बाद पार्टी और परिवार की राजनीतिक दिशा को लेकर जो सवाल उठ रहे थे, उन्हें अब जवाब मिलता दिख रहा है।
सुनेत्रा पवार फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन उनके डिप्टी सीएम बनने के बाद उच्च सदन की सीट खाली होगी। सूत्रों का दावा है कि इस सीट पर उनके बेटे Parth Pawar को भेजने की तैयारी है। पार्थ पवार पहले भी सक्रिय राजनीति में कदम रख चुके हैं। उन्होंने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब राज्यसभा के जरिए उनकी संसद में एंट्री लगभग तय मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम दोहरे मकसद से उठाया जा रहा है—एक तरफ महाराष्ट्र में महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश, दूसरी तरफ युवा नेतृत्व को राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करने की रणनीति।
सूत्र बताते हैं कि पार्टी संगठन के भीतर भी इस फॉर्मूले पर सहमति बनती दिख रही है, जिसमें राज्य की सत्ता की कमान सुनेत्रा पवार संभालेंगी, जबकि पार्थ पवार दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
महाराष्ट्र की सत्ता में यह बदलाव न सिर्फ भावनात्मक पृष्ठभूमि रखता है, बल्कि आने वाले चुनावों की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पवार परिवार का यह नया राजनीतिक समीकरण राज्य और केंद्र—दोनों स्तरों पर पार्टी की मौजूदगी को संतुलित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
