Swaraj Times Desk: बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक डिलीवरी बॉय का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसने गिग इकोनॉमी की सच्चाई को उजागर कर दिया। वीडियो में युवक ने बताया था कि उसने पूरे 15 घंटे काम किया, 28 ऑर्डर डिलीवर किए, लेकिन दिन के अंत में उसकी कमाई सिर्फ 763 रुपये रही। यह वीडियो देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गया और देशभर में गिग वर्कर्स की हालत पर बहस छिड़ गई।
इस वायरल वीडियो का मुद्दा संसद तक भी पहुंचा। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शीतकालीन सत्र के दौरान डिलीवरी पार्टनर्स और गिग वर्कर्स की कठिन परिस्थितियों को मजबूती से उठाया। उन्होंने लंबे काम के घंटे, कम आमदनी और सामाजिक सुरक्षा के अभाव को गंभीर समस्या बताते हुए सरकार का ध्यान इस ओर खींचा।
वायरल वीडियो से संसद तक
डिलीवरी बॉय हिमांशु के वीडियो ने इसलिए भी ज्यादा तूल पकड़ा क्योंकि देश के कई शहरों में गिग वर्कर्स पहले से ही अपने अधिकारों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हाल ही में इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (आईएफएटीडब्ल्यू) के आह्वान पर हजारों गिग वर्कर्स सामूहिक हड़ताल पर चले गए। 25 दिसंबर को हुई हड़ताल के बाद 31 दिसंबर 2025 को एक और बड़े प्रदर्शन की घोषणा की गई है।
गिग वर्कर्स का कहना है कि ऐप आधारित कंपनियां एल्गोरिदम के जरिए मनमाने टारगेट तय करती हैं। अचानक पेमेंट स्ट्रक्चर बदल दिया जाता है, जुर्माने लगाए जाते हैं और शिकायतों के समाधान के लिए कोई प्रभावी सिस्टम नहीं है। यह सब उस समय हो रहा है, जब साल के अंत में फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी की मांग सबसे ज्यादा रहती है।
राघव चड्ढा ने घर बुलाकर की मुलाकात
संसद में मुद्दा उठाने के बाद राघव चड्ढा ने वायरल डिलीवरी बॉय हिमांशु को अपने घर आमंत्रित किया। उन्होंने उसे लंच पर बुलाया और आमने-सामने बैठकर बातचीत की। इस मुलाकात के दौरान हिमांशु ने अपने रोजमर्रा के अनुभव, काम के दबाव और कमाई की वास्तविक स्थिति को साझा किया।
राघव चड्ढा ने न सिर्फ उसकी बातें सुनीं, बल्कि यह भी समझने की कोशिश की कि गिग वर्कर्स किन हालात में काम करने को मजबूर हैं। बातचीत के बाद डिलीवरी पार्टनर ने इस मुलाकात के लिए आभार जताया और कहा कि उसकी आवाज को संसद तक पहुंचाने का काम हुआ है।
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
राघव चड्ढा ने इस मुलाकात का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्होंने ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय हिमांशु को दोपहर के भोजन पर आमंत्रित किया और गिग वर्कर्स के सामने मौजूद जोखिम, लंबे घंटे, कम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की कमी पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि ये आवाजें सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि संसद और नीति निर्माण के स्तर पर भी सुनी जानी चाहिए। राघव चड्ढा के इस कदम को गिग वर्कर्स के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है और यह मुद्दा एक बार फिर देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
