Hardoi News: शंकराचार्य मामले में अपर्णा यादव ने रखी संतुलित राय, प्रशासनिक व्यवस्था और संविधान को बताया सर्वोपरि
Swaraj Times Desk: उत्तर प्रदेश के हरदोई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav ने शंकराचार्य विवाद को लेकर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां संविधान सर्वोपरि है, कोई भी व्यक्ति या पद संविधान से ऊपर नहीं हो सकता. उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत और धार्मिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है.
अपर्णा यादव ने यह टिप्पणी उस समय की, जब उनसे माघ मेले और शंकराचार्य से जुड़े घटनाक्रम पर सवाल पूछा गया. उन्होंने साफ कहा कि पूरे मामले को भावनाओं के बजाय तथ्यों और प्रशासनिक व्यवस्था के नजरिए से देखा जाना चाहिए.
“हम लोकतंत्र में रहते हैं” — अपर्णा यादव
हरदोई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपर्णा यादव ने कहा,
“जो भी घटनाक्रम हुआ, शंकराचार्य की पदवी और सनातन धर्म में उनकी व्यवस्था को लेकर हमारे पास सभी तथ्य स्पष्ट नहीं हैं. लेकिन जहां प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई है, वहां यह मानना होगा कि कोई भी व्यक्ति देश के संविधान से ऊपर नहीं है. हम लोकतंत्र में रहते हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि कुंभ या माघ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में अगर कहीं कानून-व्यवस्था या भीड़ प्रबंधन में चूक हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
सीएम योगी पर टिप्पणी को बताया अनुचित
अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं एक योगी और गुरु हैं. उन पर इस तरह की छींटाकशी करना सही नहीं है. उन्होंने कहा,
“सीएम के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल करना बहुत गलत है. वह भी गुरु हैं, संत हैं. उनसे संयम की अपेक्षा की जाती है, लेकिन उनके सम्मान को ठेस पहुंचाना भी ठीक नहीं.”
शंकराचार्य व्यवस्था पर सवाल नहीं, जांच जरूरी
शंकराचार्य की परंपरा को लेकर अपर्णा यादव ने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म में गुरु परंपरा और शंकराचार्य व्यवस्था का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य की वैधता पर सवाल उठाना उद्देश्य नहीं है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि घटना कैसे और क्यों हुई.
उन्होंने कहा,
“व्यवस्थित शंकराचार्य की रथ यात्रा में आमतौर पर अव्यवस्था नहीं होती. अगर इस बार कोई समस्या हुई है, तो यह जानना जरूरी है कि प्रशासनिक स्तर पर कहां चूक हुई.”
बीजेपी की नीति पर भरोसा
अपने बयान के अंत में अपर्णा यादव ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि बीजेपी ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम करती है. उन्होंने प्रधानमंत्री के मूल मंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है.
फिलहाल अपर्णा यादव के इस बयान पर अन्य राजनीतिक दलों या संत समाज की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इतना तय है कि शंकराचार्य विवाद पर यह बयान चर्चा को और तेज कर गया है.
