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Swaraj Times Desk: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज जनरल असीम मुनीर का एक बयान एक बार फिर चर्चा में है. इस बयान में उन्होंने भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दौरान ईश्वरीय मदद मिलने का दावा किया है. मुनीर का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान को किसी विदेशी हथियार या तकनीक से नहीं, बल्कि अल्लाह की मदद से ताकत मिली. उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

जनरल असीम मुनीर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की सेना को जिस समर्थन की जरूरत थी, वह किसी देश की सैन्य सहायता से नहीं बल्कि ईश्वर की कृपा से मिला. उन्होंने यह भी दावा किया कि अल्लाह में आस्था रखने के कारण फरिश्तों ने “बुन्यान-ए-मर्सूस” नामक अभियान में पाकिस्तानी सेना की सहायता की. उनके इस बयान को पाकिस्तान में धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.

यह बयान असीम मुनीर ने इसी महीने की शुरुआत में आयोजित नेशनल उलेमा और मशाइख कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया था. इस सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अलावा बड़ी संख्या में इस्लामिक मौलाना, धर्मगुरु और स्कॉलर मौजूद थे. हालांकि यह बयान उस समय ज्यादा चर्चा में नहीं आया, लेकिन अब इसका वीडियो सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल असीम मुनीर लीबिया के दौरे पर हैं.

करीब 40 सेकंड के वीडियो क्लिप में असीम मुनीर यह कहते नजर आते हैं कि उनका खुदा गवाह है कि ऑपरेशन के दौरान अल्लाह की मदद स्पष्ट रूप से महसूस की गई. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपने तौर-तरीकों और आंतरिक हालात को सुधारने की जरूरत है. इस दौरान उन्होंने अरबी भाषा में कुछ धार्मिक पंक्तियां भी पढ़ीं, जिससे यह साफ हो गया कि उनका संदेश सैन्य से ज्यादा धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ था.

ऑपरेशन सिंदूर की बात करें तो यह कार्रवाई 6 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू की गई थी. यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद किया गया था. भारत ने इस अभियान के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान के भीतर मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. ये हमले पूरी तरह टारगेटेड थे, जिनका मकसद आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को कमजोर करना था.

इससे पहले 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक दर्दनाक आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर उनकी हत्या की थी. इस क्रूर हमले में कुल 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी. इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया और भारत सरकार ने कड़ा जवाब देने का फैसला लिया. इसी के तहत ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को तबाह किया गया.

कुल मिलाकर, असीम मुनीर का यह बयान न केवल सैन्य रणनीति बल्कि धार्मिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से भी कई सवाल खड़े करता है. भारत-पाक संबंधों के संदर्भ में यह बयान एक बार फिर तनाव को हवा देने वाला माना जा रहा है.

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