Assam Politics: बीजेपी जॉइन करने वालों को बताया ‘महत्वहीन’, कहा– हिंदू सर्टिफिकेट बांटना बंद करें
Swaraj Times Desk: असम विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी चरम पर पहुंच गई है। असम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi ने मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “असम का जिन्ना” तक कह दिया। इस बयान ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
बीजेपी में शामिल होने पर क्या बोले गोगोई?
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष Bhupen Borah के इस्तीफे और संभावित बीजेपी जॉइनिंग को लेकर गोगोई ने कहा कि इससे कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका दावा है कि जो नेता बीजेपी में जाते हैं, वे धीरे-धीरे राजनीतिक रूप से हाशिये पर चले जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी कई नेता बीजेपी में गए, लेकिन उनकी पहचान कमजोर हो गई।
गोगोई ने कहा कि आगामी चुनाव “असली कांग्रेस” और “पुरानी कांग्रेस” के बीच होगा। उनका संकेत उन नेताओं की ओर था जो पहले कांग्रेस में थे और अब बीजेपी में हैं।
‘हिंदू सर्टिफिकेट’ विवाद
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा भूपेन बोरा को “कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता” बताए जाने पर गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि किसी को हिंदू प्रमाणपत्र बांटने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक विशाल विचारधारा है, जो किसी एक व्यक्ति या पहचान से सीमित नहीं हो सकती।
“हिमंता बिस्वा सरमा असम के जिन्ना हैं,” इस बयान के साथ गोगोई ने बीजेपी पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी को लेकर विवाद
भूपेन बोरा ने दावा किया कि इस्तीफा देने के बाद उन्हें Rahul Gandhi का फोन आया, लेकिन उनके त्यागपत्र पर कोई चर्चा नहीं हुई। बोरा ने यह भी कहा कि उन्हें लगा पार्टी में उनकी जरूरत नहीं रह गई, इसलिए उन्होंने पद छोड़ दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि असम कांग्रेस की रणनीति पर मतभेद हैं और गठबंधन वार्ता को लेकर भी भ्रम की स्थिति रही।
चुनावी जंग तेज
असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही एक-दूसरे पर हमलावर हैं। जहां कांग्रेस खुद को वैचारिक लड़ाई लड़ने वाला दल बता रही है, वहीं बीजेपी संगठनात्मक मजबूती का दावा कर रही है।
अब देखना होगा कि बयानबाज़ी की यह गर्मी चुनावी मैदान में किसे फायदा पहुंचाती है।
