Swaraj Times Desk: बांग्लादेश में एक अल्पसंख्यक हिंदू नागरिक की मॉब लिंचिंग की घटना के बाद हालात तेजी से तनावपूर्ण हो गए हैं. इस घटना के बाद न सिर्फ देश के भीतर माहौल गरमाया, बल्कि भारत के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए. ढाका में स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शनकारियों ने घेराव किया, पत्थरबाजी की और भारत विरोधी नारे लगाए. इन घटनाओं के बीच बांग्लादेश अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय नजर आ रहा है. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि बांग्लादेश की सेना और वायुसेना के पास वर्तमान में कितनी ताकत और कौन-कौन से आधुनिक हथियार मौजूद हैं.
ग्लोबल फायर पावर (Global Fire Power) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के 145 देशों की तुलना में बांग्लादेश की कुल सैन्य शक्ति 35वें स्थान पर आंकी गई है. वहीं, हवाई ताकत के मामले में बांग्लादेश 43वें स्थान पर है. यह रैंकिंग यह दिखाती है कि क्षेत्रीय स्तर पर बांग्लादेश की सैन्य मौजूदगी कमजोर नहीं मानी जा सकती, खासकर तब जब वह अपने रक्षा ढांचे को लगातार अपग्रेड कर रहा है.
अगर बांग्लादेशी वायुसेना की बात करें, तो उसके पास कुल 214 सैन्य विमान हैं. इनमें से 42 फाइटर एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें F-7, MiG-29 और Yak-130 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं. इसके अलावा बांग्लादेश के पास करीब 65 हेलीकॉप्टर हैं, जो ट्रांसपोर्ट और सपोर्ट भूमिकाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं. हालांकि, अटैक हेलीकॉप्टर के मामले में बांग्लादेश की क्षमता सीमित है, क्योंकि उसके बेड़े में फिलहाल कोई समर्पित अटैक हेलीकॉप्टर शामिल नहीं है.
थलसेना की ताकत की बात करें तो बांग्लादेश के पास आर्टिलरी का एक बड़ा जखीरा है. सेना के पास 56 सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी यूनिट, 546 टोड आर्टिलरी और लगभग 110 रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम मौजूद हैं. इसके अलावा, बांग्लादेश ने हाल के वर्षों में तुर्किए से आधुनिक हथियार प्रणाली भी खरीदी है. इनमें TRG-300 टाइगर मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) खास तौर पर उल्लेखनीय है. यह सिस्टम टाइगर मिसाइल और T-122/300 मल्टी-कैलिबर रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम के साथ आता है.
बांग्लादेश ने साल 2021 में लगभग 60 मिलियन डॉलर की लागत से इस रॉकेट सिस्टम की तीन बैटरियां खरीदी थीं. TRG-300 सिस्टम की मारक क्षमता 3 किलोमीटर से लेकर 100 किलोमीटर तक बताई जाती है. एक लॉन्चर यूनिट में 300 मिमी के 4 रॉकेट या 122 मिमी के 40 रॉकेट दागे जा सकते हैं, जिससे यह सिस्टम दुश्मन पर भारी दबाव बनाने में सक्षम माना जाता है.
इसके साथ ही बांग्लादेश पाकिस्तान के JF-17 थंडर लड़ाकू विमान में भी दिलचस्पी दिखा रहा है. यह विमान पाकिस्तानी वायुसेना की रीढ़ माना जाता है. JF-17 का ब्लॉक-III वर्जन 4.5 जेनरेशन का मल्टीरोल फाइटर है, जिसकी रेंज 3,400 किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है. इसे चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन और पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स ने मिलकर विकसित किया है. अगर बांग्लादेश इस विमान को अपने बेड़े में शामिल करता है, तो उसकी हवाई ताकत में बड़ा इजाफा हो सकता है.
कुल मिलाकर, भारत के साथ बढ़ते तनाव और आंतरिक अस्थिरता के बीच बांग्लादेश अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने में जुटा हुआ है. हालांकि, क्षेत्रीय संतुलन और कूटनीति आने वाले समय में अहम भूमिका निभाएगी.
