Swaraj Times Desk: बांग्लादेश में एक हिंदू युवक को जिंदा जलाए जाने की दिल दहला देने वाली घटना के बाद भारत में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को गंभीर चिंता का विषय बताया और समाज से एकजुट होने की अपील की।
बागेश्वर बाबा बोले—हिंदू होना बना मौत की वजह
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि बांग्लादेश में एक युवक को सिर्फ इसलिए जिंदा जला दिया गया क्योंकि वह हिंदू था। उन्होंने कहा, “तुम अपने बच्चों को व्यापार दो या न दो, लेकिन संस्कार जरूर दो। हमारी एक ही इच्छा है कि हिंदू समाज एकजुट हो।”
उन्होंने इस घटना को मानवता पर कलंक बताते हुए कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उनका कहना था कि यदि समय रहते समाज जागरूक नहीं हुआ, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
चुनाव से पहले बांग्लादेश में बढ़ता तनाव और हिंसा
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में दो महीने बाद होने वाले चुनावों से पहले हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। शेख हसीना सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद से हालात और बिगड़ गए हैं। बीते कुछ दिनों में कट्टरपंथी भीड़ सड़कों पर उतर आई है और हिंसा की आग में सबसे ज्यादा अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय झुलस रहा है।
इसी हिंसा के दौरान पहले हिंदू युवक दीपू दास को बेरहमी से पीटकर जिंदा जला दिया गया। इसके बाद एक और दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें 7 साल की मासूम बच्ची को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना में उसकी दो बहनें भी गंभीर रूप से झुलस गईं।
कट्टरपंथियों के निशाने पर हिंदू समुदाय
जानकारों के मुताबिक बांग्लादेश में करीब 1 करोड़ 30 लाख हिंदू रहते हैं और मौजूदा हालात में वे कट्टरपंथी जमातियों के सीधे निशाने पर हैं। कहा जा रहा है कि फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले कुछ कट्टरपंथी संगठन डर और हिंसा का माहौल बनाकर सत्ता पर कब्जा करना चाहते हैं।
हादी को दफनाने के बाद कट्टरपंथी समूहों की ओर से खुलेआम धमकियां भी दी गईं कि यदि हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पूरे बांग्लादेश को फिर से जला दिया जाएगा। इसने वहां के हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है।
भारत में चिंता, एकजुटता की अपील
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान के जरिए न केवल बांग्लादेश सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए, बल्कि भारत और दुनिया भर के हिंदू समाज से एकजुट होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि यह समय केवल प्रतिक्रिया देने का नहीं, बल्कि जागरूक होकर संगठित होने का है।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं।
