Swaraj Times Desk: BCCI का बड़ा फैसला: महिला क्रिकेटरों की सैलरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। बोर्ड ने महिला डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने वाली खिलाड़ियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद महिला और पुरुष क्रिकेटरों के वेतन में समानता लाने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है। सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि महिला घरेलू क्रिकेट से जुड़े मैच ऑफिशियल्स को भी इसका फायदा मिलेगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब भारतीय महिला टीम ने ODI वर्ल्ड कप 2025 में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। फाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। इस उपलब्धि के बाद BCCI का यह निर्णय महिला क्रिकेट के मनोबल को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
BCCI ने सीनियर महिला डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलने वाली खिलाड़ियों की मैच फीस में लगभग ढाई गुना की बढ़ोतरी की है। अब प्लेइंग इलेवन में शामिल सीनियर महिला खिलाड़ियों को प्रति मैच 50,000 रुपये मिलेंगे। इससे पहले उन्हें केवल 20,000 रुपये ही मिलते थे। यह बदलाव उन खिलाड़ियों के लिए बड़ी राहत है, जो लंबे समय से घरेलू स्तर पर कड़ी मेहनत कर रही थीं।
रिजर्व खिलाड़ियों को भी इस फैसले में नजरअंदाज नहीं किया गया है। जो खिलाड़ी अंतिम ग्यारह में शामिल नहीं होते, उन्हें अब प्रति मैच 25,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि पहले यह रकम मात्र 10,000 रुपये थी। BCCI का मानना है कि हर खिलाड़ी टीम का अहम हिस्सा होती है और उसे आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए, चाहे वह मैदान पर उतरे या नहीं।
जूनियर महिला क्रिकेट को लेकर भी बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। जूनियर डोमेस्टिक वनडे टूर्नामेंट में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनने वाली खिलाड़ियों को एक दिन खेलने के लिए 25,000 रुपये मिलेंगे। वहीं, रिजर्व खिलाड़ियों को 12,500 रुपये दिए जाएंगे। जूनियर टी20 मुकाबलों में खेलने वाली खिलाड़ियों को 12,500 रुपये और बाहर बैठने वाली खिलाड़ियों को 6,250 रुपये मिलेंगे। इससे युवा प्रतिभाओं को क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाने का मजबूत आधार मिलेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अहम फैसला 22 दिसंबर को हुई BCCI की बैठक में लिया गया। बैठक में सिर्फ खिलाड़ियों ही नहीं, बल्कि अंपायरों और मैच रेफरी के वेतन में बढ़ोतरी को लेकर भी चर्चा की गई है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला जल्द लिए जाने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम महिला क्रिकेट के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर खेल को और मजबूत करेगा। बेहतर सैलरी मिलने से खिलाड़ी आर्थिक दबाव से मुक्त होकर अपने खेल पर पूरा ध्यान दे सकेंगी। कुल मिलाकर, BCCI का यह फैसला भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
