सात निश्चय-3 के तहत ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’, बिहार में सीनियर सिटिजन्स की सेहत को मिलेगा नया सहारा
Swaraj Times Desk: नए साल की शुरुआत में बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्य के बुजुर्गों को बड़ी राहत देने वाला ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब बिहार के वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर तक पहुंचेंगी। यह फैसला ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ को लागू करते हुए लिया गया है।
घर बैठे मिलेगी पूरी हेल्थ केयर
राज्य सरकार के इस फैसले के तहत बुजुर्गों को उनके घर पर ही कई अहम मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर चेकअप, ECG जैसी जरूरी जांचें शामिल हैं। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ घर पहुंचकर इलाज करेंगे। फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं भी घर बैठे दी जाएंगी, जिससे चलने-फिरने में दिक्कत झेल रहे बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी।
इमरजेंसी में भी मिलेगी त्वरित मदद
सरकार ने साफ किया है कि आपातकालीन स्थिति में बुजुर्गों को तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। चाहे अचानक तबीयत बिगड़ना हो या किसी गंभीर बीमारी का खतरा, स्वास्थ्य विभाग की टीमें तेजी से मौके पर पहुंचेंगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना को तेजी से लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
QR कोड से सीधे सरकार तक सुझाव
इस योजना की खास बात यह है कि सरकार ने आम जनता से भी सुझाव मांगे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि लोगों के सुझाव जानने के लिए एक QR कोड जारी किया गया है। इसे स्कैन कर नागरिक सीधे सरकार तक अपने विचार और सुझाव भेज सकते हैं, ताकि बुजुर्गों के जीवन को और अधिक आसान बनाया जा सके।
बुजुर्गों के सम्मान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से उनकी सरकार ‘न्याय के साथ विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है और पूरे बिहार को परिवार मानकर हर वर्ग के मान-सम्मान का ख्याल रखा जा रहा है। वर्ष 2025 से 2030 तक बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा एक अहम कड़ी है।
क्या मिलेंगी सुविधाएं?
- नर्सिंग सहायता
- घर पर पैथोलॉजी जांच
- BP और ECG टेस्ट
- फिजियोथेरेपी
- इमरजेंसी मेडिकल केयर
यह फैसला खासकर उन बुजुर्गों के लिए वरदान साबित होगा, जो उम्र या बीमारी के कारण अस्पताल नहीं जा पाते। नीतीश सरकार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशील शासन की मिसाल माना जा रहा है।
