भारत की सबसे बड़ी QSR चेन बनने की तैयारी, निवेशकों की नजर अब Devyani और Sapphire के शेयरों पर
Swaraj Times Desk: भारत के फास्ट फूड और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। Devyani International Limited और Sapphire Foods India Limited ने अपने ऑपरेशंस को मर्ज करने का ऐलान किया है। ये वही दो कंपनियां हैं जो देश में KFC और Pizza Hut जैसे बड़े इंटरनेशनल ब्रांड्स की फ्रेंचाइजी संभालती हैं। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में दोनों कंपनियों के स्टॉक्स फोकस में आ गए हैं।
शेयरों में दिखी हलचल
मर्जर की खबर सामने आते ही बाजार में हलचल तेज हो गई। शुरुआती कारोबार में देवयानी इंटरनेशनल के शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जबकि सफायर फूड्स के शेयर दबाव में नजर आए। निवेशकों का मानना है कि मर्जर के बाद बनने वाली संयुक्त कंपनी का स्केल और ऑपरेशनल ताकत काफी बढ़ जाएगी, जिसका फायदा लंबी अवधि में हो सकता है।
मर्जर का स्ट्रक्चर क्या होगा?
इस प्रस्तावित डील के तहत मर्जर से पहले Sapphire Foods India की लगभग 18.5% हिस्सेदारी देवयानी की प्रमोटर कंपनी Arctic International को ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद 1 अप्रैल से मर्जर की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी, जो नियामकीय मंजूरी और शेयरहोल्डर्स की सहमति पर निर्भर करेगी। पूरे प्रोसेस में 15 से 18 महीने तक का समय लग सकता है।
भारत की सबसे बड़ी QSR चेन बनेगी
अगर यह मर्जर पूरा हो जाता है, तो एक ही कंपनी के तहत भारत और विदेशों में 3,000 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स ऑपरेट किए जाएंगे। इससे यह संयुक्त इकाई देश की सबसे बड़ी सिंगल QSR ऑपरेटर बन सकती है। दोनों कंपनियां अमेरिकी फूड दिग्गज Yum! Brands की पार्टनर हैं, जिसके पोर्टफोलियो में KFC, Pizza Hut और Taco Bell जैसे ब्रांड्स शामिल हैं।
शेयर स्वैप रेशियो
मर्जर प्लान के मुताबिक, Sapphire Foods के शेयरधारकों को अपने हर 100 शेयर के बदले Devyani International के 177 शेयर मिलेंगे। इसका मतलब है कि मर्जर के बाद Sapphire पूरी तरह Devyani में समाहित हो जाएगी।
बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
इस मेगा मर्जर के बाद भारतीय फास्ट फूड सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। नई इकाई का मुकाबला सीधे Westlife Foodworld (McDonald’s) और Jubilant FoodWorks (Domino’s Pizza) जैसी बड़ी कंपनियों से होगा।
कुल मिलाकर, यह डील सिर्फ कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि निवेशकों और पूरे QSR सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।
