स्वराज टाइम्स डेस्क: दिल्ली में लाल किला क्षेत्र के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस आतंकी हमले की गुत्थी सुलझाने के लिए देशभर में छापेमारी की जा रही है। बुधवार (12 नवंबर 2025) की शाम कानपुर से एक डॉक्टर को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई डॉक्टर शाहीन शाहिद और उनके भाई डॉक्टर परवेज की जांच के दौरान सामने आई नई जानकारियों के आधार पर की गई है।
सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए डॉक्टर की बातचीत दिल्ली ब्लास्ट के दिन परवेज और शाहीन के संपर्क में रहने वालों से हुई थी। जांच एजेंसियों को शक है कि डॉ. शाहीन के विदेशी संगठनों से संबंध हो सकते हैं और वह जैश मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था। जांच में अब तक 6 बड़े डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है, जो देश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से शिक्षित हैं। इस खुलासे ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
फरीदाबाद से मिली बड़ी कामयाबी – संदिग्ध कार बरामद
दिल्ली कार ब्लास्ट से जुड़ी बड़ी सफलता फरीदाबाद पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस ने खंदावली गांव से लाल रंग की इको स्पोर्ट्स फोर्ड कार बरामद की है। यह वही कार है, जिसकी तलाश दिल्ली पुलिस कई दिनों से कर रही थी। कार उमर नामक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिस पर ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई आई20 कार चलाने का शक है।
सीसीटीवी फुटेज में उमर को आई20 कार चलाते हुए देखा गया है, जिसके बाद पुलिस ने उसे मुख्य संदिग्ध घोषित किया। फिलहाल उमर की तलाश में दिल्ली, यूपी और हरियाणा पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
एनआईए ने बनाई 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम
इस आतंकी हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथों में ले ली है। एनआईए ने एडीजी विजय सखारे के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है। टीम में एक आईजी, दो डीआईजी, तीन एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। एजेंसी ने सोशल मीडिया और मोबाइल डेटा का विश्लेषण शुरू कर दिया है ताकि हमले की साजिश से जुड़े हर तार को जोड़ा जा सके।
राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
लाल किले के निकट हुए विस्फोट के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। संसद भवन, कनॉट प्लेस, रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है। पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील कर रही है।
सरकार ने माना आतंकी हमला
केंद्र सरकार ने लाल किले के पास हुए इस धमाके को स्पष्ट रूप से आतंकी हमला करार दिया है। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि “गुनहगारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।
सरकार ने स्पष्ट कहा है कि देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और इस जघन्य आतंकवादी साजिश के हर जिम्मेदार को कानून के कठघरे में लाया जाएगा।

