डिजिटल मॉनिटरिंग, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन से बदल रही है शासन की तस्वीर
Swaraj Times Desk: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘प्रगति पोर्टल’ को नए भारत की नई कार्य संस्कृति का मजबूत आधार बताते हुए इसे सुशासन की दिशा में बड़ा परिवर्तनकारी कदम कहा है। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और राज्य दोनों स्तरों पर प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन को नई गति मिली है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “प्रगति” का अर्थ है Pro-Active Governance and Timely Implementation यानी योजनाओं की पहले से तैयारी कर उनका तय समय सीमा में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना। यह प्लेटफॉर्म सिर्फ बड़ी परियोजनाओं की निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन प्रणाली में कार्य संस्कृति को बदलने का माध्यम बन चुका है। उनके मुताबिक, यह “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” की सोच को जमीन पर उतारने का डिजिटल औजार है।
साय ने कहा कि पहले कई परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन उनका पूरा होना अनिश्चित रहता था। वर्षों तक लटकी योजनाओं, विभागीय समन्वय की कमी और प्रशासनिक देरी जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए ही इस डिजिटल तंत्र को लागू किया गया। अब प्रधानमंत्री स्वयं केंद्र और राज्यों के शीर्ष अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखते हैं।
आंकड़ों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि देशभर में प्रगति पोर्टल के माध्यम से हजारों बड़ी परियोजनाओं को गति मिली है और लाखों करोड़ रुपये की योजनाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके जरिए न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर बल्कि जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुधार हुआ है। शिकायत निवारण प्रणाली को भी इससे मजबूती मिली है, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान तेज़ी से संभव हुआ है।
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में साय ने बताया कि राज्य में चल रही राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा भी इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही है। सड़कों, रेलवे, बिजली, कोयला और इस्पात जैसे क्षेत्रों में लंबित समस्याओं का समाधान कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को भी नई रफ्तार मिली है, जिससे निवेश और रोजगार दोनों में बढ़ोतरी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रगति पोर्टल केवल तकनीकी पहल नहीं, बल्कि शासन में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने का माध्यम है। यह सरकार की कथनी और करनी के बीच सामंजस्य का उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी तरह के नवाचार भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ाएंगे।
