Bangladesh General Elections: चुनाव रद्द करने से लेकर इस्तीफे तक-पूर्व पीएम ने रखीं छह बड़ी मांगें
Swaraj Times Desk: बांग्लादेश में आम चुनाव के बाद मतगणना जारी है, लेकिन राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे “असंवैधानिक और अवैध” करार दिया है। उन्होंने अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पर सत्ता हथियाने का आरोप लगाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की है।
अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने एक बयान जारी कर छह प्रमुख मांगें सामने रखीं। इनमें वर्तमान चुनाव को रद्द करना, मोहम्मद यूनुस का इस्तीफा, राजनीतिक बंदियों और बुद्धिजीवियों की रिहाई, अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध हटाना और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मूल भावना और संविधान की गरिमा की अनदेखी कर चुनाव आयोजित किए गए।
बहिष्कार का दावा
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और अल्पसंख्यकों ने चुनाव का बहिष्कार किया। उनके अनुसार, अवामी लीग की भागीदारी के बिना आयोजित यह मतदान लोकतांत्रिक प्रक्रिया का प्रतिनिधित्व नहीं करता। उन्होंने इसे “योजनाबद्ध ढोंग” बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की।
सत्ता पर कब्जे का आरोप
हसीना का दावा है कि मोहम्मद यूनुस ने अवैध तरीके से सत्ता संभाली और चुनावी प्रक्रिया को अपने पक्ष में मोड़ दिया। हालांकि अंतरिम प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और प्रक्रिया संविधान के अनुरूप रही।
अंतरराष्ट्रीय नजरें टिकीं
बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है। चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मानकों को लेकर कई विदेशी पर्यवेक्षक निगरानी कर रहे हैं। ऐसे में हसीना के आरोप और मांगें राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती हैं।
कुल मिलाकर, मतगणना के साथ ही बांग्लादेश में सियासी संग्राम भी तेज हो गया है। अब देखना होगा कि परिणाम आने के बाद राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं।
