अमेरिकी एक्शन के बाद बढ़ा घरेलू तनाव, सीक्रेट सर्विस ने संदिग्ध को लिया हिरासत में
Swaraj Times Desk: वेनेजुएला में अमेरिका की एयरस्ट्राइक के बाद अब उसका असर अमेरिकी सरजमीं पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance के घर पर हमला किए जाने की खबर सामने आई है। इस हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में उनके आवास की खिड़कियां टूटी हुई नजर आ रही हैं, जिसने पूरे अमेरिका में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
घर पर हमला, सीक्रेट सर्विस अलर्ट
घटना के तुरंत बाद United States Secret Service के एजेंट ओहायो के ईस्ट वालनट हिल्स इलाके में स्थित जेडी वेंस के आवास पर पहुंचे। सुरक्षा एजेंसियों ने मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि आरोपी पर औपचारिक रूप से कौन-से आरोप लगाए जाएंगे।
घर के अंदर नहीं घुसा आरोपी
रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि संदिग्ध व्यक्ति घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाया था। उसने बाहर से ही खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि हमले के वक्त न तो जेडी वेंस और न ही उनके परिवार के सदस्य घर पर मौजूद थे, जिससे किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
वेनेजुएला एयरस्ट्राइक से जुड़ रहा मामला
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की है। माना जा रहा है कि इसी अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच अमेरिका के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने की कोशिशें बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि वेनेजुएला से जुड़े अमेरिकी फैसलों और सैन्य रणनीति की योजना में जेडी वेंस भी शामिल थे, हालांकि एयरस्ट्राइक के दौरान वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मौके पर मौजूद नहीं थे।
इलाके में पहले से थी कड़ी सुरक्षा
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जेडी वेंस के आवास के आसपास पिछले कई दिनों से सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। सड़कों को बंद किया गया था और पुलिस चौकियां लगाई गई थीं। FOX19 NOW की रिपोर्ट के मुताबिक, सिनसिनाटी पुलिस ने बताया कि एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी ने रात करीब 12:15 बजे एक व्यक्ति को घर के पास से भागते हुए देखा, जिसके बाद उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
अमेरिका में बढ़ती सुरक्षा चिंता
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय सैन्य कार्रवाइयों का असर अब अमेरिकी नेताओं की घरेलू सुरक्षा पर भी पड़ने लगा है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हमला किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था या एक अकेली घटना।
