पिपराइच मार्ग के पुराने पुल को तोड़ने का आदेश, मार्च तक नाला परियोजना पूरी करने की डेडलाइन
Swaraj Times Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखपुर दौरे के दौरान एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. गोरखपुर–पिपराइच मार्ग पर संत हुसैन नगर के पास गोड़धोइया नाला पर बने जर्जर पुल को अब पूरी तरह तोड़ा जाएगा और उसकी जगह एक नया, आधुनिक पुल बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने मौके पर ही लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दे दिए.
दरअसल, बुधवार को मुख्यमंत्री निर्माणाधीन गोरखपुर–पिपराइच फोरलेन सड़क का निरीक्षण कर रहे थे. इसी दौरान जब वे संत हुसैन नगर के पास पहुंचे, तो उन्होंने गोड़धोइया नाला पर बने पुराने पुल की स्थिति देखी. पुल की हालत बेहद खराब और भविष्य में दुर्घटना का कारण बन सकती थी. इसे देखते हुए सीएम योगी ने कहा कि जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इस पुल को जल्द से जल्द हटाकर नया पुल बनाया जाना चाहिए.
मार्च तक पूरे हों गोड़धोइया नाला परियोजना के सभी कार्य
मुख्यमंत्री ने सिर्फ पुल ही नहीं, बल्कि पूरी गोड़धोइया नाला परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि परियोजना के तहत पहले से तय सभी कार्य हर हाल में मार्च महीने तक पूरे किए जाएं. सीएम योगी ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से गोरखपुर शहर के उत्तरी इलाकों में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा.
गौरतलब है कि गोड़धोइया नाला लंबे समय तक उपेक्षा, अतिक्रमण और गंदगी का शिकार रहा है. कभी यह नाला शहर की जल निकासी की रीढ़ माना जाता था, लेकिन समय के साथ यह लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गया था. मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसके जीर्णोद्धार के लिए एक व्यापक परियोजना तैयार की गई, जिसमें पक्का नाला निर्माण, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और सीवेज ट्रीटमेंट जैसे कार्य शामिल हैं. इस पूरी परियोजना की लागत करीब ₹474.42 करोड़ है.
विरासत गलियारा परियोजना पर भी सख्ती
गोड़धोइया नाला पुल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री रेती चौक पहुंचे, जहां उन्होंने धर्मशाला से पाण्डेयहाता तक बन रहे विरासत गलियारा प्रोजेक्ट का भी जायजा लिया. यह सड़क चौड़ीकरण परियोजना लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी है और इस पर ₹555.56 करोड़ की लागत आ रही है.
सीएम योगी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि सड़क चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को 15 जनवरी से पहले पूरी तरह हटाया जाए और निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए. इस परियोजना को अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से साफ है कि गोरखपुर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर सरकार पूरी तरह फोकस में है.
