वसई की चुनावी रैली में मंत्री नितेश राणे के बयान से गरमाया राजनीतिक माहौल, विपक्ष ने साधा निशाना
Swaraj Times Desk: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर भूचाल आ गया है. नितेश राणे, जो भारतीय जनता पार्टी के नेता और देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री हैं, उन्होंने वसई में एक चुनावी रैली के दौरान बेहद विवादित टिप्पणी कर दी. उनके बयान को लेकर सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.
महानगरपालिका चुनाव के प्रचार के दौरान वसई में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नितेश राणे ने समुदाय विशेष के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि “कोई भी हरा सांप हिंदुओं की तरफ गंदी नजर से नहीं देख सकता.” इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है.
रैली में क्या-क्या बोले नितेश राणे?
सभा के दौरान नितेश राणे ने कहा कि हिंदू समाज की तरफ कोई भी गलत नजर से नहीं देख सकता और अगर कोई त्योहारों के दौरान “मस्ती” करने की कोशिश करेगा तो उसे करारा जवाब मिलेगा. उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में “हिंदुत्ववादी सोच” वाली सरकार है और आने वाला मेयर भी उसी विचारधारा का होगा.
उन्होंने आगे कहा कि “जय श्रीराम” बोलने वाला ही शहर में नेतृत्व करेगा और जो लोग “आई लव मोहम्मद” जैसे नारे लगाते हैं, उन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिए. इस बयान के बाद उनके समर्थकों ने तालियां बजाईं, जबकि विपक्ष ने इसे नफरत फैलाने वाला भाषण करार दिया.
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
यह पहली बार नहीं है जब नितेश राणे अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों. इससे पहले भी वे उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को लेकर पाकिस्तान से जोड़कर बयान दे चुके हैं. उन्होंने पहले कहा था कि ठाकरे भाइयों को वोट देने का मतलब पाकिस्तान में बैठे “अब्बा” को वोट देना है. ऐसे बयानों को लेकर विपक्ष लगातार बीजेपी पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाता रहा है.
विपक्ष का हमला और राजनीतिक असर
नितेश राणे के ताजा बयान के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. विपक्ष का कहना है कि चुनाव के समय जानबूझकर समाज को बांटने वाले बयान दिए जा रहे हैं. वहीं, बीजेपी समर्थकों का तर्क है कि नितेश राणे ने हिंदू समाज की सुरक्षा और एकजुटता की बात की है.
फिलहाल, नितेश राणे के इस बयान ने महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है.
