• Mon. Mar 9th, 2026

साध्वियों से दुष्कर्म और हत्याकांड में सजा काट रहा डेरा प्रमुख एक बार फिर जेल से बाहर

Swaraj Times Desk: रोहतक की सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर बड़ी राहत मिली है. हरियाणा सरकार ने उसे 40 दिन की पैरोल मंजूर कर दी है. इस फैसले के बाद गुरमीत राम रहीम थोड़ी देर में रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आएगा. पैरोल की अवधि के दौरान वह हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में ही रहेगा और बाहर कहीं भी जाने की अनुमति नहीं होगी.

पैरोल का फैसला और अब तक का रिकॉर्ड

गुरमीत राम रहीम को इससे पहले भी कई बार पैरोल और फरलो दी जा चुकी है. जानकारी के मुताबिक, यह उसकी 15वीं रिहाई है. पिछली बार 15 सितंबर को उसे 40 दिन की पैरोल दी गई थी. इससे पहले भी 21 दिन और 40 दिन की पैरोल के दौरान वह सिरसा डेरे में ही रुका था. इस बार भी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पैरोल के दौरान वह डेरा सच्चा सौदा, सिरसा से बाहर नहीं जाएगा और नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.

किन मामलों में सजा काट रहा है राम रहीम

गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई थी, यानी कुल 20 साल की कैद. इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उसे उम्रकैद की सजा मिली हुई है. साथ ही डेरा मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी वह दोषी करार दिया जा चुका है. फिलहाल इन सभी मामलों में वह रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है.

बार-बार पैरोल पर उठते सवाल

राम रहीम को बार-बार मिल रही पैरोल और फरलो को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने भी पैरोल दिए जाने पर आपत्ति जताई थी. उनका कहना है कि राम रहीम कोई सामान्य कैदी नहीं बल्कि एक हार्ड क्रिमिनल है, जिसे बार-बार रिहाई नहीं मिलनी चाहिए.

सरकार का पक्ष क्या है

हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट में दिए गए हलफनामे में राम रहीम को हार्ड क्रिमिनल मानने से इनकार किया है. सरकार का कहना है कि जेल रिकॉर्ड के मुताबिक उसका आचरण अच्छा रहा है और जेल नियमों के अनुसार किसी भी कैदी को एक साल में अधिकतम 90 दिन तक पैरोल दी जा सकती है. इसी आधार पर उसे 40 दिन की पैरोल दी गई है.

राम रहीम की रिहाई को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है. अब देखना होगा कि पैरोल अवधि के दौरान प्रशासन नियमों का कितना सख्ती से पालन कराता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *