अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला पर भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया, लोगों की सुरक्षा को बताया सर्वोपरि
Swaraj Times Desk: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति Nicolás Maduro व उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है. चीन समेत कई देशों ने इस कार्रवाई की आलोचना की है. इसी बीच भारत ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है. भारत ने साफ कहा है कि उसकी सबसे बड़ी चिंता वेनेजुएला के आम लोगों की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर है.
मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को लक्जमबर्ग में एक कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री S. Jaishankar ने इस मुद्दे पर भारत का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम चिंताजनक हैं और भारत पूरे हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए है. जयशंकर ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे आपसी संवाद के जरिए समाधान निकालें, ताकि वहां के लोगों की भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
लक्जमबर्ग में जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री ने कहा, “हमने इस विषय पर पहले ही एक आधिकारिक बयान जारी किया है. उसका सार यही है कि भारत हाल की घटनाओं को लेकर चिंतित है, लेकिन हमारी प्राथमिकता वेनेजुएला के नागरिकों की सुरक्षा है. सभी पक्षों को मिल-बैठकर ऐसा समाधान निकालना चाहिए जो वहां के लोगों के हित में हो.”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी एक पक्ष का समर्थन करने के बजाय शांति, स्थिरता और संवाद का पक्षधर है.
वेनेजुएला के साथ भारत के रिश्ते
जयशंकर ने कहा कि भारत वेनेजुएला को एक पुराने मित्र देश के रूप में देखता है. दोनों देशों के बीच वर्षों से अच्छे राजनयिक और आर्थिक संबंध रहे हैं, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में. ऐसे में भारत चाहता है कि राजनीतिक उथल-पुथल के बीच आम नागरिकों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे.
विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
भारत के Ministry of External Affairs ने भी इस संकट पर बयान जारी किया. बयान में कहा गया,
“वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम बेहद चिंताजनक हैं. भारत स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. हम सभी संबंधित पक्षों से शांति और स्थिरता के लिए संवाद आधारित, शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील करते हैं.”
मंत्रालय ने यह भी बताया कि कराकस स्थित भारतीय दूतावास वहां मौजूद भारतीय नागरिकों और एनआरआई समुदाय के संपर्क में है और उन्हें हरसंभव सहायता दी जा रही है.
क्यों अहम है भारत का रुख
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-वेनेजुएला टकराव अब वैश्विक कूटनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है. ऐसे में भारत का संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण यह संकेत देता है कि नई दिल्ली किसी भी संकट में आम लोगों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देती है.
