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India-US Trade Deal: ऐतिहासिक समझौते से खुलेंगे 30 ट्रिलियन डॉलर बाजार के दरवाजे

Swaraj Times Desk: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित अंतरिम व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अगले सप्ताह अमेरिका रवाना होंगे, जहां इस डील के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च तक इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर हो सकते हैं।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने जानकारी दी कि 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान दरअसल उस फ्रेमवर्क समझौते की रूपरेखा थी, जिस पर दोनों देशों ने सहमति बनाई थी। अब उसी को कानूनी दस्तावेज में बदला जा रहा है, ताकि इसे औपचारिक रूप से लागू किया जा सके।

टैरिफ में बड़ी राहत की तैयारी

अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगाए गए 25% अतिरिक्त रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18% करने का संकेत दिया है। इससे पहले रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था, जिसे अब हटा लिया गया है।

अगर यह कटौती लागू होती है, तो भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि कुछ उत्पादों पर ‘जीरो टैरिफ’ का प्रावधान भी चर्चा में है, लेकिन वह समझौते पर साइन होने के बाद ही लागू होगा।

कानूनी मसौदे पर अंतिम बातचीत

दर्पण जैन की अगुवाई में भारतीय टीम अमेरिका जाकर इस डील की बारीक कानूनी शर्तों पर चर्चा करेगी। कुछ तकनीकी और कानूनी मुद्दे अभी सुलझाए जाने बाकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों देश प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं ताकि समय पर समझौता हो सके।

‘ऐतिहासिक और संतुलित’ समझौता: पीयूष गोयल

7 फरवरी को संयुक्त बयान जारी होने के बाद केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने इसे ऐतिहासिक और संतुलित समझौता बताया था। उनके अनुसार, यह डील भारतीय एमएसएमई, किसानों, मछुआरों, युवाओं और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर लेकर आएगी।

यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा और 30 ट्रिलियन डॉलर की अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय उत्पादों की पहुंच मजबूत करेगा। अब सबकी नजर मार्च पर टिकी है—क्या तब तक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी?

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