Swaraj Times Desk: देश के मशहूर कवि और पूर्व आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास एक बार फिर अपने बेबाक और तीखे अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व को निशाने पर लिया है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान का वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कुमार विश्वास ने अपने भाषण में व्यंग्य के जरिए कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका, परिवारवाद और महापुरुषों के सम्मान को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को कभी वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तव में हकदार थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरदार पटेल कांग्रेस दफ्तर के बाहर बैठे रहे, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली। बाद में जब भाजपा ने उन्हें सम्मान दिया तो कांग्रेस को याद आया कि पटेल तो उनके थे।
इसके बाद कुमार विश्वास ने कांग्रेस के परिवारवाद पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी महापुरुषों की विरासत को आगे बढ़ाने के बजाय सिर्फ नानाजी, पापाजी, मम्मीजी और चाचीजी तक ही सिमटी रही। इस टिप्पणी को कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है, जिसमें इशारों-इशारों में नेहरू-गांधी परिवार को निशाने पर लिया गया।
अपने भाषण में उन्होंने महात्मा गांधी का भी जिक्र किया और कहा कि आज गांधी के विचार और जीवनशैली भाजपा की नीतियों से ज्यादा मेल खाते हैं। कुमार विश्वास के अनुसार, स्वदेशी, खादी, गीता, आयुर्वेद और सादगी जैसे मूल्य आज जिस तरह भाजपा की राजनीति में दिखते हैं, वे गांधी के सिद्धांतों के करीब नजर आते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर भाजपा चाहे तो गांधी जी को भी अपने साथ ले जाए।
यहीं पर उन्होंने सबसे तीखा तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास पहले से ही ‘तीन फर्जी गांधी’ मौजूद हैं, इसलिए असली गांधी को लेकर भाजपा को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इस बयान पर मंच पर मौजूद लोगों के बीच हंसी गूंजी, लेकिन इसके राजनीतिक मायने कहीं ज्यादा गहरे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुमार विश्वास का यह बयान कांग्रेस की वैचारिक दिशा और उसकी ऐतिहासिक विरासत पर सीधा हमला है। जहां उनके समर्थक इसे सच बोलने की हिम्मत बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस खेमे में इसे अपमानजनक और भड़काऊ बयान के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल, यह बयान सोशल मीडिया पर बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
